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अधिवक्ताओं ने मनाया विरोध दिवस, किया प्रदर्शन

Fri, 20 May 2022 11:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 11:15 PM IST
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Advocates protested against principal secretory
अधिवक्ताओं ने मनाया विरोध दिवस, किया प्रदर्शन
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देवरिया। प्रमुख सचिव के पत्र में अधिवक्ताओं के संबंध में की गई टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे और प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। मांग पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश बार कौंसिल आफ के आह्वान पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार दीक्षित के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने शासन की ओर से जारी पत्र वापस लिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को विरोध दिवस मनाया गया। साथ ही न्यायिक कार्यों से विरत रहते हुए प्रदर्शन किया और राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज को सौंपा। इस दौरान मंत्री शक्ति धर पांडेय, तरूण मणि त्रिपाठी, वरूण कुमार तिवारी, विष्णु कुमार जायसवाल, निरंजन कुमार, सतीश कुमार मिश्र, अजीत कुमार सिंह, सिंहासन गिरि, मनोज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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उधर, सदर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युगुल किशोर तिवारी की अध्यक्षता में संघ भवन पर बैठक हुई, जिसमें न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर नारेबाजी और धरना शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी व प्रमुख सचिव प्रफुल्ल पटेल के जारी पत्र में अधिवक्ताओं के खिलाफ असम्मानजनक व अभद्र टिप्पणी किए जाने का बार कौंसिल ने संज्ञान लिया है। उसके निर्देश पर विरोध दिवस मनाया गया। कहा कि शासन प्रदेश के अधिवक्ताओं को विश्वास में लेकर कथित टिप्पणी के उपचारात्मक कार्रवाई करें, ऐसा न होने पर चरणबद्ध आंदोलन के लिए अधिवक्ता बाध्य होंगे। इसके बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सौरभ सिंह को सौंपा। इस दौरान अजय कुमार श्रीवास्तव, राकेश कुमार मल्ल, राकेश शाही, संतोष पाठक, रामछबीला यादव, मनोज श्रीवास्तव, आशुतोष मणि, कमल मणि त्रिपाठी, गिरीश तिवारी, अंबरीष मणि, नितेश चौधरी, सामंत मिश्रा, नर्वदा चौहान, उदय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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विशेष सचिव की टिप्पणी के विरोध में न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार
भाटपाररानी/बरहज। तहसील अधिवक्ता संघ की बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई। न्याय विभाग के विशेष सचिव की ओर से अधिवक्ताओं के विरुद्ध की गई टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की गई। अधिवक्ताओं ने एसडीएम अरुण कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा तथा न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा है कि विशेष सचिव की टिप्पणी अधिवक्ता संघ के मान-सम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान नागेश दुबे, सुशील ओझा, प्रदीप गुप्ता, चंद्रशेखर सिंह, रामाधार यादव, लाल साहब यादव, राजू सिंह, राणा प्रताप राठौर, ओम प्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
बरहज तहसील परिसर में बार संघ अध्यक्ष रामायन तिवारी और महामंत्री उदयराज चौरसिया की अध्यक्षता में बैठक हुई। सरकार पर वकीलों के प्रति द्वेष पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक एसडीएम गजेंद्र सिंह को सौंपा गया। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, चंद्रभूषण यादव, लक्ष्मी दीक्षित, रणजीत मिश्र, चंद्रभान चौरसिया, खुर्शेद आलम, गिरीश वर्मा, नागेंद्र कुमार मिश्र, अमरेश यादव, श्रवण सिंह, राकेश प्रकाश रंजन, उद्धव प्रसाद, अरविंद उपाध्याय, मुरारी कुमार भारती, तारकेश्वर तिवारी, राकेश सिंह, राजेश कुशवाहा, अंबिकेश सिंह, अमित कुमार तिवारी, त्रिपुरेश मिश्र, उमेश विश्वकर्मा, संतोष सिंह, मनीष पाल, सत्यप्रकाश मालवीय आदि मौजूद रहे।

अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग
रुद्रपुर। बार संघ की ओर से शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंपा गया। यूपी में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की गई।
वकीलों ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार को ठोस कानून पारित करने की जरूरत है। वकीलों के कई मामलों में पुलिस बेवजह उन्हें परेशान करती है। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी है। कई जगहों पर साक्ष्य होने के बाद बावजूद वकीलों की सुनवाई ठीक ढंग से नहीं हुई और उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। शासन में शिकायत के बाद भी अधिवक्ता पक्ष को नहीं सुना जा रहा है। ऐसे में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू किया जाना आवश्यक है। यदि लागू नहीं हुआ तो प्रदेश भर में आंदोलन होगा। पत्रक देने वालों में अध्यक्ष कृष्णकांत पांडेय, सतीश कुमार, राजेश त्रिपाठी, आनंद सिंह, ब्रज बिहारी पांडेय, बलवंत कुमार, विकास मणि, विश्व विजय मल्ल, फणिंद्रनाथ पांडेय, रामेश्वर मणि, वीके सिंह, कृष्णमूर्ति त्रिपाठी, अजीत तिवारी आदि मौजूद रहे।
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