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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का काम पकड़ेगा रफ्तार, अब यहां से मिट्टी मुहैया कराएगा प्रशासन

Sat, 12 Dec 2020 06:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 12 Dec 2020 06:51 PM IST
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Administration will provide soil by digging pond Gorakhpur Link Expressway
एक्सप्रेसवे। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण में अब जल्द ही तेजी आ जाने की उम्मीद है। मिट्टी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने उपाय निकाला है। संबंधित तहसील क्षेत्रों के सभी तालाब खोदवाकर एक्सप्रेस-वे के लिए मिट्टी मुहैया कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस उपाय से दोहरा लाभ होगा। सड़क के लिए मिट्टी तो मिल ही जाएगी, सभी तालाब अपना मूल स्वरूप भी पा लेंगे। इसी बहाने जहां तालाबों पर कब्जा हो गया है उसे भी हटा दिया जाएगा।

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दरअसल, 10 दिसंबर को सिकरीगंज के नकौड़ी गांव के पास एक्सप्रेस-वे की समीक्षा में निर्माण कराने वाली कंपनियों ने मुख्यमंत्री के सामने मिट्टी कमी की समस्या उठाई थी। उनका कहना था कि जरूरत के मुताबिक मिट्टी नहीं मिल पाने की वजह से निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा।
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इसपर मुख्यमंत्री ने डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को निर्देश दिया था कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मिट्टी की कमी आड़े न आने पाए। इसके बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने यह तय किया खजनी, सहजनवां व सदर तहसील क्षेत्र में जितने भी पोखरे हैं, उन्हें खोदवाकर मिट्टी उपलब्ध कराई जाएगी।
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बाढ़ग्रस्त क्षेत्र, बंधे के किनारे नहीं निकाली जाएगी मिट्टी

अब तक आठ पोखरे चिह्नित किए जा चुके हैं। एसडीएम और तहसीलदार को और भी पोखरे चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। डीएम का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मिट्टी की कमी नहीं होने दी जाएगी। जितनी भी मिट्टी की जरूरत पड़ेगी, प्रशासन उसे उपलब्ध कराएगा।  

एक्सप्रेस-वे का निर्माण करा रही कंपनी ने भी तालाबों की कुछ सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई है। सूची में कुछ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र एवं बंधे के किनारे के तालाब भी हैं। मगर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ ग्रस्त और बंधे के किनारे के तालाबों से मिट्टी नहीं निकाली जाएगी। इससे बाढ़ का खतरा बना रहेगा। इसी तरह बंधे के किनारे मिट्टी निकालने से बंधे कमजोर हो जाएंगे।

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस- वे के निर्माण में मिट्टी की कमी से काम की रफ्तार धीमी होने का मामला सामने आया है। मिट्टी की उपलब्धता के लिए प्रयास किया जा रहा है। आठ तालाबों से मिट्टी निकालने की अनुमति दी जा चुकी है। अन्य तालाबों की तलाश भी चल रही है।  तालाबों सेमिट्टी निकालने से दोहरा लाभ होगा। एक्सप्रेस-वे के लिए मिट्टी तो मिल ही जाएगी तालाबों को भी उनका मूल स्वरूप दिया जा सकेगा।
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