{"_id":"64fcc33ba44a3dad7903a2e4","slug":"activity-of-pregnant-woman-is-necessary-for-normal-delivery-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-299887-2023-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती की सक्रियता जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती की सक्रियता जरूरी
विज्ञापन
गोरखपुर। भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में शनिवार को गर्भवती महिलाओं को सक्रिय रखने के लिए कुछ उपकरण खरीदे गए। इनके लिए बने विशेष कक्ष का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें ऑनलाइन आर्क पार्टोग्राफ (रेखाचित्र) का भी उद्घाटन किया गया।
कार्यकारी निदेशक डाॅ. सुरेखा किशोर ने कहा कि स्त्री एवं प्रसुति रोग विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस वार्ड के सभी बेड भरे चल रहे हैं। इस वर्ष अब तक 100 से ज्यादा जटिल केसों की नॉर्मल डिलीवरी और 150 से ज्यादा सीजर से डिलीवरी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि नॉर्मल डिलीवरी को बेहतर मानते हुए सभी महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसीलिए प्रसव कक्ष में महिलाओं को प्रसव पीड़ा के समय चलनशील रखने में सहायता करने के लिए बीर्थिंग बॉल और रिबोजो उपकरण लाए गए हैं। छत से लगी और दीवारों पर लगी सपोर्ट रॉड की मदद से गर्भवती चहलकदमी कर पाएगी। इससे नॉर्मल डिलीवरी कराने में आसानी होगी।
विज्ञापन
कहा कि इसी के साथ लेबर रूम में आर्क पार्टोग्राफ का भी उद्घाटन हुआ। यह एक ऑनलाइन पार्टोग्राफ है जो प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद डिलीवरी होने तक भरा जाता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी यदि मां या बच्चे के स्वास्थ्य में हुई तो यह यंत्र उसे सही समय पर पहचानने और निदान करने में सहायता करता है। इससे मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. शिखा सेठ ने विभागीय कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में एमएस डाॅ. मनोज सौरभ, डीन डाॅ. हरिशंकर जोशी, डाॅ. अजय भारती, डाॅ. विक्रम वर्धन, डाॅ. आराधना सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यकारी निदेशक डाॅ. सुरेखा किशोर ने कहा कि स्त्री एवं प्रसुति रोग विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस वार्ड के सभी बेड भरे चल रहे हैं। इस वर्ष अब तक 100 से ज्यादा जटिल केसों की नॉर्मल डिलीवरी और 150 से ज्यादा सीजर से डिलीवरी हो चुकी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नॉर्मल डिलीवरी को बेहतर मानते हुए सभी महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसीलिए प्रसव कक्ष में महिलाओं को प्रसव पीड़ा के समय चलनशील रखने में सहायता करने के लिए बीर्थिंग बॉल और रिबोजो उपकरण लाए गए हैं। छत से लगी और दीवारों पर लगी सपोर्ट रॉड की मदद से गर्भवती चहलकदमी कर पाएगी। इससे नॉर्मल डिलीवरी कराने में आसानी होगी।
विज्ञापन
कहा कि इसी के साथ लेबर रूम में आर्क पार्टोग्राफ का भी उद्घाटन हुआ। यह एक ऑनलाइन पार्टोग्राफ है जो प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद डिलीवरी होने तक भरा जाता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी यदि मां या बच्चे के स्वास्थ्य में हुई तो यह यंत्र उसे सही समय पर पहचानने और निदान करने में सहायता करता है। इससे मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. शिखा सेठ ने विभागीय कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में एमएस डाॅ. मनोज सौरभ, डीन डाॅ. हरिशंकर जोशी, डाॅ. अजय भारती, डाॅ. विक्रम वर्धन, डाॅ. आराधना सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।