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एसिड की बिक्री पर ग्राउंड रिपोर्ट: गोरखपुर में हर जगह आसानी से उपलब्ध है तेजाब, मिल जाता है बिना पहचान पत्र के
Sun, 12 Sep 2021 12:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 12 Sep 2021 12:54 PM IST
सार
एसिड अटैक की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता को प्रशासन ने कर दिया दरकिनार। शुक्रवार को शहर में हुई थी एसिड अटैक की घटना, शनिवार को भी आराम से बिकता मिला तेजाब।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद तेजाब हर जगह आसानी से बिना पहचान पत्र के उपलब्ध है। सुप्रीम कोर्ट की चिंता को गोरखपुर प्रशासन ने कभी गंभीरता से नहीं लिया, नतीजा एसिड अटैक की घटनाएं जब-तब सामने आती ही रहती हैं। शुक्रवार को शहर में एसिड अटैक की घटना के बाद अमर उजाला ने शहर में एसिड बिक्री की व्यवस्था का जायजा लिया तो सामने आया कि जितना एसिड चाहिए, पैसे चुकाइए और आराम से ले जाइए।
विभागों को भी नहीं पता बिकने और लाइसेंस जारी करने का तरीका
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही तेजाब की बिक्री के लिए गाइड लाइन जारी की हो, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसे लेकर अब भी ऊहापोह में है। अग्निशमन विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि इसका लाइसेंस जारी करने का अधिकार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास है। लेकिन, वहां पता करने पर बताया गया कि यह तो ड्रग इंस्पेक्टर के अधीन आता है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया। वहीं पुलिस विभाग से जुड़े लोगों से जानकारी चाही गई तो उन्होंने भी इस विषय में गाइड लाइन की जानकारी नहीं होने की बात कही।
जनहित याचिका पर दिया था निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में दिल्ली की किशोरी पर हुए एसिड अटैक के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के बाद सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारी किया किया गया था कि राज्य सरकारें एसिड बिक्री के लिए सख्त नियम बनाएं, जिससे अराजक तत्वों के हाथ में एसिड न पहुंचे।
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विभागों को भी नहीं पता बिकने और लाइसेंस जारी करने का तरीका
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही तेजाब की बिक्री के लिए गाइड लाइन जारी की हो, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसे लेकर अब भी ऊहापोह में है। अग्निशमन विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि इसका लाइसेंस जारी करने का अधिकार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास है। लेकिन, वहां पता करने पर बताया गया कि यह तो ड्रग इंस्पेक्टर के अधीन आता है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया। वहीं पुलिस विभाग से जुड़े लोगों से जानकारी चाही गई तो उन्होंने भी इस विषय में गाइड लाइन की जानकारी नहीं होने की बात कही।
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जनहित याचिका पर दिया था निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में दिल्ली की किशोरी पर हुए एसिड अटैक के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के बाद सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारी किया किया गया था कि राज्य सरकारें एसिड बिक्री के लिए सख्त नियम बनाएं, जिससे अराजक तत्वों के हाथ में एसिड न पहुंचे।
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सुप्रीम कोर्ट का ऐसा है निर्देश
1- किसी भी दशा में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को एसिड नहीं बेची जा सकती।
2- दुकानदार बिना परिचय पत्र देखे एसिड नहीं देंगे।
3- एसिड खरीदने का उद्देश्य, मात्रा और खरीदने वाले का नाम रजिस्टर पर जरूर लिखा होना चाहिए।
4- यदि कोई दुकानदार, इन नियमों का पालन नहीं करता है तो एसडीएम दुकान को सीज कर 50 हजार रुपये का जुर्माना कर सकते हैं।
नियमों का कराया जाएगा पालन: एसपी सिटी
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि तेजाब बिक्री के लिए कठोर नियम बनाए गए हैं। इनका पालन कराने के लिए सभी थानेदारों को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी अलग से अभियान चलाया जाएगा। कैंट थाना क्षेत्र में हुई घटना के मामले में आरोपित पर केस दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। आरोपित ने तेजाब कहां से खरीदा था इसकी जांच भी कराई जाएगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि अगर ऐसा है तो गंभीर है। इसकी समीक्षा की जाएगी। संबंधित एसडीएम और ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए जाएंगे कि इसकी समीक्षा की जाए कि जिले में किन-किन दुकानों पर एसिड टॉयलेट क्लीनर के रूप में बिक रहा है। कहां-कहां बिक रहा है और नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। यदि नहीं हो रहा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मई में भी हुई थी इस प्रकार की घटना
खोराबार क्षेत्र के जंगल सिकरी निवासी सोनू मद्धेशिया पर बीते सात मई की रात में आठ बजे एक बाइक पर सवार दो युवकों ने दयानंद इंटर कॉलेज के सामने तेजाब डाल दिया था। सोनू सूबा बाजार से सब्जी की दुकान बंद कर घर जंगल सिकरी जा रहा था। इलाज के बाद युवक की हालत में सुधार आया था लेकिन दुबारा तबियत बिगड़ी तो उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में सोनू के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ 326 ए के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
1- किसी भी दशा में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को एसिड नहीं बेची जा सकती।
2- दुकानदार बिना परिचय पत्र देखे एसिड नहीं देंगे।
3- एसिड खरीदने का उद्देश्य, मात्रा और खरीदने वाले का नाम रजिस्टर पर जरूर लिखा होना चाहिए।
4- यदि कोई दुकानदार, इन नियमों का पालन नहीं करता है तो एसडीएम दुकान को सीज कर 50 हजार रुपये का जुर्माना कर सकते हैं।
नियमों का कराया जाएगा पालन: एसपी सिटी
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि तेजाब बिक्री के लिए कठोर नियम बनाए गए हैं। इनका पालन कराने के लिए सभी थानेदारों को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी अलग से अभियान चलाया जाएगा। कैंट थाना क्षेत्र में हुई घटना के मामले में आरोपित पर केस दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। आरोपित ने तेजाब कहां से खरीदा था इसकी जांच भी कराई जाएगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि अगर ऐसा है तो गंभीर है। इसकी समीक्षा की जाएगी। संबंधित एसडीएम और ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए जाएंगे कि इसकी समीक्षा की जाए कि जिले में किन-किन दुकानों पर एसिड टॉयलेट क्लीनर के रूप में बिक रहा है। कहां-कहां बिक रहा है और नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। यदि नहीं हो रहा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मई में भी हुई थी इस प्रकार की घटना
खोराबार क्षेत्र के जंगल सिकरी निवासी सोनू मद्धेशिया पर बीते सात मई की रात में आठ बजे एक बाइक पर सवार दो युवकों ने दयानंद इंटर कॉलेज के सामने तेजाब डाल दिया था। सोनू सूबा बाजार से सब्जी की दुकान बंद कर घर जंगल सिकरी जा रहा था। इलाज के बाद युवक की हालत में सुधार आया था लेकिन दुबारा तबियत बिगड़ी तो उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में सोनू के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ 326 ए के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई।