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Gorakhpur News: निवेश और जमीन दिलाने के नाम पर ठगी का आरोपी जेल भेजा गया
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ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र से गोरखपुर लाया गया आरोपी
कई पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस गिरोह के अन्य गुर्गों की भूमिका की भी कर रही जांच
भगवानपुर। निवेश पर आकर्षक लाभ और जमीन की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और लेन-देन की भी जांच कर रही है।
पीपीगंज क्षेत्र के वार्ड नंबर-17 अटलनगर निवासी रविकांत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि अभिषेक श्रीवास्तव, जान्हवी राठौर, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव और दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने मिलकर उन्हें एक निवेश योजना में धन लगाने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने 15 से 20 प्रतिशत तक लाभ देने के साथ 2000 वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिलाया था।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों के आश्वासन और दिखाए गए दस्तावेजों पर भरोसा कर उन्होंने करीब 11 लाख 66 हजार रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किस्तों में जमा किए। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद न तो निवेश पर लाभ मिला और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। रविकांत का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज की और प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का दावा करते हुए धमकी भी दी।
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खुद को कंपनी का सीईओ बताकर फंसाने का आरोप
महाराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के डंगुरी निवासी प्रभाकर यादव ने भी अभिषेक श्रीवास्तव पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपी ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी और सिद्धत्व इंफ्रा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का सीईओ बताकर जमीन में निवेश कराने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि दूसरे की जमीन को अपनी बताकर निवेश कराया गया, लेकिन बाद में न तो रजिस्ट्री कराई गई और न ही जमा धनराशि वापस की गई। लगातार मांग करने पर टालमटोल की जाती रही। पीड़ितों का दावा है कि इस कथित ठगी के शिकार कई अन्य लोग भी हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के विरुद्ध थाना पीपीगंज में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, कूटरचना, धमकी और अन्य धाराओं में कई प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में आरोप पत्र भी न्यायालय में प्रेषित किए जा चुके हैं।
दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-निमिष पाटील, एसपी सिटी
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कई पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस गिरोह के अन्य गुर्गों की भूमिका की भी कर रही जांच
भगवानपुर। निवेश पर आकर्षक लाभ और जमीन की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और लेन-देन की भी जांच कर रही है।
पीपीगंज क्षेत्र के वार्ड नंबर-17 अटलनगर निवासी रविकांत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि अभिषेक श्रीवास्तव, जान्हवी राठौर, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव और दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने मिलकर उन्हें एक निवेश योजना में धन लगाने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने 15 से 20 प्रतिशत तक लाभ देने के साथ 2000 वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिलाया था।
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पीड़ित के अनुसार, आरोपियों के आश्वासन और दिखाए गए दस्तावेजों पर भरोसा कर उन्होंने करीब 11 लाख 66 हजार रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किस्तों में जमा किए। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद न तो निवेश पर लाभ मिला और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। रविकांत का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज की और प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का दावा करते हुए धमकी भी दी।
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खुद को कंपनी का सीईओ बताकर फंसाने का आरोप
महाराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के डंगुरी निवासी प्रभाकर यादव ने भी अभिषेक श्रीवास्तव पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपी ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी और सिद्धत्व इंफ्रा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का सीईओ बताकर जमीन में निवेश कराने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि दूसरे की जमीन को अपनी बताकर निवेश कराया गया, लेकिन बाद में न तो रजिस्ट्री कराई गई और न ही जमा धनराशि वापस की गई। लगातार मांग करने पर टालमटोल की जाती रही। पीड़ितों का दावा है कि इस कथित ठगी के शिकार कई अन्य लोग भी हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के विरुद्ध थाना पीपीगंज में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, कूटरचना, धमकी और अन्य धाराओं में कई प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में आरोप पत्र भी न्यायालय में प्रेषित किए जा चुके हैं।
दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-निमिष पाटील, एसपी सिटी