{"_id":"6ade729e71b257cc77006d8f","slug":"account-holders-create-a-ruckus-at-the-home-of-a-private-bank-operator-allegations-of-a-multi-crore-fraud-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1497403-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: निजी बैंक संचालक के घर खाताधारकों का हंगामा, करोड़ों की ठगी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: निजी बैंक संचालक के घर खाताधारकों का हंगामा, करोड़ों की ठगी का आरोप
Mon, 26 Oct 2026 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:50 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पादरी बाजार (गोरखपुर)। जमा रकम वापस नहीं मिलने से परेशान 20 से अधिक खाताधारकों ने रविवार दोपहर शाहपुर क्षेत्र के शताब्दीपुरम कॉलोनी स्थित निजी बैंक संचालक के घर पहुंचकर हंगामा किया। पीड़ितों ने अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
खाताधारकों के मुताबिक, बैंक संचालक ने एजेंटों के माध्यम से महराजगंज जिले के ठूठीबारी क्षेत्र के दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीणों से प्रतिदिन और मासिक आधार पर 50 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक जमा कराए थे। जमा रकम और तारीख का विवरण एजेंट रजिस्टर और पासबुक में दर्ज करते थे। लोगों का आरोप है कि पिछले छह महीने से ठूठीबारी स्थित कार्यालय बंद है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी रकम नहीं मिली तो वे बैंक संचालक के घर पहुंच गए। पीड़ितों का दावा है कि अकेले 11 खाताधारकों के 6.20 लाख रुपये फंसे हैं। इनमें सुनील के 84 हजार, लक्ष्मण के 37 हजार, गीता के 46 हजार, सुबोध चौरसिया के 70 हजार, मोहम्मद अली राजा के 75 हजार और संदेश रौनियार के डेढ़ लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा निशा प्रजापति, राधेश्याम, मोहन निगम, सन्नी निगम और प्रमिला की जमा पूंजी भी वापस नहीं मिली है। पीड़ितों का कहना है कि अन्य खाताधारकों की रकम जोड़ने पर बकाया करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है।क
खाताधारकों के मुताबिक, बैंक संचालक ने एजेंटों के माध्यम से महराजगंज जिले के ठूठीबारी क्षेत्र के दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीणों से प्रतिदिन और मासिक आधार पर 50 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक जमा कराए थे। जमा रकम और तारीख का विवरण एजेंट रजिस्टर और पासबुक में दर्ज करते थे। लोगों का आरोप है कि पिछले छह महीने से ठूठीबारी स्थित कार्यालय बंद है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी रकम नहीं मिली तो वे बैंक संचालक के घर पहुंच गए। पीड़ितों का दावा है कि अकेले 11 खाताधारकों के 6.20 लाख रुपये फंसे हैं। इनमें सुनील के 84 हजार, लक्ष्मण के 37 हजार, गीता के 46 हजार, सुबोध चौरसिया के 70 हजार, मोहम्मद अली राजा के 75 हजार और संदेश रौनियार के डेढ़ लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा निशा प्रजापति, राधेश्याम, मोहन निगम, सन्नी निगम और प्रमिला की जमा पूंजी भी वापस नहीं मिली है। पीड़ितों का कहना है कि अन्य खाताधारकों की रकम जोड़ने पर बकाया करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है।क
विज्ञापन