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Gorakhpur News: गोरखपुर में आए दिन हो रहे हादसे, वजह बन रहा चीनी मांझा

Tue, 17 Jan 2023 03:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 17 Jan 2023 03:33 PM IST
सार

एक साल पहले नौसड़ के पास खजनी के संजय निगम की गर्दन चीनी मांझे में फंसकर कट गई थी। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। वहां चार दिन इलाज के बाद उनकी जान बच सकी थी।

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Accidents happening every day in Gorakhpur no action despite ban
चाइनीज मांझा - फोटो : amar ujala

विस्तार

मकर संक्राति के पर्व पर पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा है। लेकिन प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही के कारण यह परंपरा लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। पतंगबाजी के लिए बाजारों में धड़ल्ले से चीनी मांझा बिक रहा है। जबकि यह प्रतिबंधित है। कटने के बाद सड़कों और छतों पर गिरने वाली पतंगों में लगे चीनी मांझे में उलझकर लोग और पंछी भी घायल हो रहे हैं लेकिन इसकी बिक्री पर प्रतिबंध सख्ती से लागू नहीं हो पा रहा है।

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चीनी मांझे को नायलान और मैटेलिक पाउडर से मिलाकर बनाया जाता है, जो की काफी लचीला होता है। पतंग के पेच लड़ाते समय यह आसानी से कटने के बजाय खिंच कर और बढ़ जाता है। साथ ही सामान्य डोर से बने मांझे से सस्ता होने के चलते भी लोग इसे खरीदते हैं। पतंग कटने के बाद यह मांझा पंछियों के साथ ही दो पहिया वाहन चालकों के हाथ और गले में फंसकर उन्हें घायल करता है, कई मामलों में तो इससे लोगों की जान भी जा चुकी है।
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चीनी मांझे से कट गई थी युवक की गर्दन
एक साल पहले नौसड़ के पास खजनी के संजय निगम की गर्दन चीनी मांझे में फंसकर कट गई थी। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। वहां चार दिन इलाज के बाद उनकी जान बच सकी थी।
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सख्त कार्रवाई ही लगा सकती है लगाम

वर्ष 2017 में एनजीटी ने चीनी मांझे पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद कहा गया था कि चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट (पर्यावरण संरक्षण अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जाए। यदि किसी के खिलाफ इस अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी तो उसे पांच साल की सजा या एक लाख जुर्माना हो सकता है। लेकिन, इस पर कार्रवाई नहीं की जाती है। इसकी एक वजह यह भी है कि कोई आगे आता नहीं और इसकी खरीद-फरोख्त करने वाले इसका फायदा उठाते हैं।

सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी सिंह ने कहा कि चीनी मंझा पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसे बेचना और इस्तेमाल करना दोनों अवैध है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चीनी मंझा बेचने वाले के बारे में यदि किसी को भी जानकारी हो तो वह मेरे मोबाइल नंबर 9454416213 पर सूचना दे सकता है। तत्काल छापा मारकर जांच की जाएगी और चीनी मंझा बरामद होने पर कार्रवाई की जाएगी। सूचना देने वाला यदि चाहे तो उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

 

केस एक

सूरजकुंड निवासी बबलू मैकेनिक हैं। 12 जनवरी को वह बाइक से विजय चौक के पास स्थित अपनी दुकान जा रहे थे। सूरजकुंड फ्लाईओवर पर गले में कुछ फंसा महसूस हुआ। बाइक रोके तब तक मंझा गले में फंस गया। हाथ से खींचने पर उनकी अंगुली कट गई। घबराकर वह वहीं पर बैठ गए थे, राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया था।

केस दो
23 दिसंबर को सीए फाइनल की छात्रा मेहता घायल हो गईं थीं। वह स्कूटी से जा रही थीं और तरंग क्रॉसिंग के पास ही मंझे में फंसकर उनकी गर्दन कट गई थी। उन्होंने घर पर फोन करके बताया, जिसके बाद उसके परिजन उन्हें अस्पताल ले जाकर इलाज कराए थे।

केस तीन
16 जनवरी को मोहद्दीपुर में राजीव कुमार चीनी मंझे की चपेट में आने से घायल हो गए। वह बाइक से मोहद्दीपुर चौराहे की तरफ जा रहे थे। तभी रास्ते में उनकी बाइक से मंझा फंस गया। जब तक वह बाइक रोकते, तब तक उनकी अंगुली कट गई। अंदर तक घाव होने की वजह से जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उन्हें नौ टांके लगाए हैं।

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