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बीआरडीः डॉक्टर से एकतरफा प्यार, युवती ने की खुदकुशी की कोशिश- काटी हाथ की नस; नींद की गोलियां खाईं
Sat, 03 Jan 2026 10:48 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 03 Jan 2026 10:48 AM IST
सार
युवती पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल छत्रधारी चौकी स्थित एक गांव में रहती है। वह डॉक्टर से मुलाकात न होने से परेशान थी। बुधवार की शाम छह बजे के करीब उसने हाथ का नस काटने की कोशिश की। इसमें वह सफल नहीं हुई तो नींद की पांच गोलियां खा लीं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजीडेंट से एकतरफा प्यार में पीछा करने वाली युवती ने बीते बुधवार की शाम खुदकुशी की कोशिश की। उसने हाथ का नस काटने की कोशिश की। इसके बाद नींद की पांच गोलियां एकसाथ खा लीं। मकान मालिक ने बेसुध हालत में देखकर पिपराइच पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, युवती पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल छत्रधारी चौकी स्थित एक गांव में रहती है। वह डॉक्टर से मुलाकात न होने से परेशान थी। बुधवार की शाम छह बजे के करीब उसने हाथ का नस काटने की कोशिश की। इसमें वह सफल नहीं हुई तो नींद की पांच गोलियां खा लीं। इसके बाद वह कमरे में गिर गई।
मकान मालिक की नजर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां उसकी काउंसिलिंग भी की गई। शुक्रवार की शाम उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
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दरअसल, 25 वर्षीय युवती मूलरूप से संतकबीरनगर की रहने वाली है। वह मेडिकल कॉलेज के पास ही किराए का कमरा लेकर मां के साथ रहती है और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती है। पिता की मौत हो चुकी है। चार बहनों में वह सबसे छोटी है। तीन बहनों की शादी हो चुकी है। वर्तमान में मां इलाज के लिए ऋषिकेष गई हैं। वहीं पर उसकी एक बहन रहती है।
पिपराइच थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि युवती की हालत अभी स्थिर है। उसकी काउंसिलिंग की गई है। मकान मालिक और वहां पर रहने वाले अन्य लोग भी उसकी देखभाल कर रहे हैं।
हॉस्टल के बाहर खड़ी हो गई थी युवती
तीन दिन पहले मनोरोग विभाग के एक डॉक्टर ने युवती पर लंबे समय से पीछा करने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गुलरिहा थाने में तहरीर दी थी। उनके अनुसार युवती लगातार अनजान नंबरों और इंस्टाग्राम अकाउंट्स से कॉल और मैसेज कर परेशान कर रही थी। लगभग ढाई साल पहले पहचान हुई थी और तब से महिला बार-बार संपर्क की कोशिश कर रही थी।
26 दिसंबर को वाराणसी में परीक्षा के दौरान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में महिला उनके पुराने कमरे के बाहर खड़ी मिली। डॉक्टर ने बताया कि लगातार पीछा करना उनके और परिवार की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
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जानकारी के अनुसार, युवती पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल छत्रधारी चौकी स्थित एक गांव में रहती है। वह डॉक्टर से मुलाकात न होने से परेशान थी। बुधवार की शाम छह बजे के करीब उसने हाथ का नस काटने की कोशिश की। इसमें वह सफल नहीं हुई तो नींद की पांच गोलियां खा लीं। इसके बाद वह कमरे में गिर गई।
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मकान मालिक की नजर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां उसकी काउंसिलिंग भी की गई। शुक्रवार की शाम उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
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दरअसल, 25 वर्षीय युवती मूलरूप से संतकबीरनगर की रहने वाली है। वह मेडिकल कॉलेज के पास ही किराए का कमरा लेकर मां के साथ रहती है और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती है। पिता की मौत हो चुकी है। चार बहनों में वह सबसे छोटी है। तीन बहनों की शादी हो चुकी है। वर्तमान में मां इलाज के लिए ऋषिकेष गई हैं। वहीं पर उसकी एक बहन रहती है।
पिपराइच थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि युवती की हालत अभी स्थिर है। उसकी काउंसिलिंग की गई है। मकान मालिक और वहां पर रहने वाले अन्य लोग भी उसकी देखभाल कर रहे हैं।
हॉस्टल के बाहर खड़ी हो गई थी युवती
तीन दिन पहले मनोरोग विभाग के एक डॉक्टर ने युवती पर लंबे समय से पीछा करने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गुलरिहा थाने में तहरीर दी थी। उनके अनुसार युवती लगातार अनजान नंबरों और इंस्टाग्राम अकाउंट्स से कॉल और मैसेज कर परेशान कर रही थी। लगभग ढाई साल पहले पहचान हुई थी और तब से महिला बार-बार संपर्क की कोशिश कर रही थी।
26 दिसंबर को वाराणसी में परीक्षा के दौरान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में महिला उनके पुराने कमरे के बाहर खड़ी मिली। डॉक्टर ने बताया कि लगातार पीछा करना उनके और परिवार की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।