फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   A quack doctor was treating Apsara in Gorakhpur

Gorakhpur News: झोलाछाप कर रहा था अप्सरा का इलाज, गनीमत रही नहीं तो जान पर बन जाता संकट-ऐसे आया पकड़ में

Wed, 26 Jun 2024 12:01 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Wed, 26 Jun 2024 12:01 PM IST
सार

थाना क्षेत्र के बैदोली बाबू गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में तीन बहनों की हालत गंभीर हुई। रविवार की सुबह प्रीत और पलक की मौत हो गई, जबकि छोटी बहन अप्सरा को परिजनों ने भटौली चौराहे पर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां एक झोलाछाप उसका इलाज कर रहा था।

विज्ञापन
A quack doctor was treating Apsara in Gorakhpur
चिकित्सक। - फोटो : freepic

विस्तार

थाना क्षेत्र के बैदोली बाबू गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में तीन बहनों की हालत गंभीर हुई। रविवार की सुबह प्रीत और पलक की मौत हो गई, जबकि छोटी बहन अप्सरा को परिजनों ने भटौली चौराहे पर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां एक झोलाछाप उसका इलाज कर रहा था। पुलिस की सख्ती की वजह से समय से अप्सरा को मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया, वरना उसकी जान भी खतरे में पड़ जाती।

विज्ञापन


अप्सरा का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डॉक्टर ने उसे खतरे से बाहर बताया है। वहीं, मंगलवार को अप्सरा के पिता रोहित भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि मैं भी बेटियों की मौत से हैरान हूं। बुधवार को उसकी मां लक्ष्मी भी बंगलूरू से गोरखपुर पहुंचेगी।
विज्ञापन


बांसगांव प्रतिनिधि के अनुसार, अप्सरा को भटौली चौराहे पर स्थित न्यू शिवा पाली क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। वहां बिना किसी डॉक्टर की मौजूदगी में इलाज चल रहा था। अप्सरा के साथ उसकी दादी मौजूद थीं। तबीयत बिगड़ी तब अस्पताल संचालक ने हाथ खड़े किए।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉक्टर बोले, मेरे नाम का गलत बोर्ड लगाया गया है
न्यू शिवा पाली क्लिनिक के बोर्ड पर बच्चों के डॉ. डीके सिंह का नाम लिखा हुआ है। संचालक ब्यास मुनि से पूछा गया कि कौन से डाॅक्टर अप्सरा का इलाज कर रहे हैं, तो उन्होंने डीके सिंह का नाम बताया था। शहर के बेतियाहाता में अपनी क्लिनिक चलाने वाले डाॅ. डीके सिंह से जब बात हुई तो उन्होंने बताया कि मैं सिर्फ बेतियाहाता में बैठता हूं, इसके अलावा कहीं और मरीज नहीं देखने जाता हूं। भटौली बाजार में मेरे नाम का गलत बोर्ड लगाया गया है।








 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed