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मजदूर की रेलवे ट्रैक के किनारे मिली लाश, ससुराल में रहकर तीन माह से करता था मजदूरी
Sat, 01 Feb 2020 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
श्याम सुंदर तिवारी, सिद्धार्थनगर।
श्याम सुंदर तिवारी, सिद्धार्थनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 11:15 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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ससुराल में रहकर मेहनत मजदूरी करके परिवार चलाने वाले एक 28 वर्षीय युवक की शनिवार की सुबह सदर थाना क्षेत्र के भीमापार स्थित रेलवे ट्रैक पर लाश मिली है। उसके चेहरे व सिर पर चोट के निशान मिले हैं। लाश की स्थिति को देख लोग हत्या करके शव को रेलवे ट्रैक पर रखने की बात कर रहे हैं। जानकारी के बाद पहुंची सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार उसका थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी विजय कुमार (28) पुत्र मुन्नी लाल की शादी सदर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर मोहल्ले के निवासी केशरी की बेटी रेनू की साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि विजय पहले गुजरात में रहकर काम करता था। अक्तूबर माह में उसके भाई और मां उसको गुजरात से जाकर घर लाए थे। इसके बाद से वह अपनी ससुराल में रहकर नौगढ़ में एक व्यापारी के यहां काम करता था।
वह शनिवार की शाम तकरीबन पांच बजे काम से घर लौटा। इसके बाद पत्नी रेनू को साथ लेकर कांशीराम आवास से कृष्णानगर मोहल्ले स्थित ससुराल में दूसरे घर पर गया था। परिजनों ने मुताबिक खाने के बाद वह कांशीराम आवास में पत्नी के बाबा के आवास में सोने की बात कहकर निकला था। शनिवार की सुबह गोरखपुर-गोंडा रेलखंड के भीमापार स्थित रेलवे क्रॉसिंग के समीप रेलवे ट्रैक पर उसकी लाश मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चेहरे व सिर के एक हिस्से पर जख्म के निशान मिले हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, कुछ लोग इसे हादसा बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
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हादसा या हत्या कॉल डिटेल से खुलेगा रहस्य
पत्नी और ससुराल के लोगों के मुताबिक खाना खाने के कुछ ही देर बाद विजय के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। इसके बाद वह जल्दी-जल्दी घर से निकला और बात करते हुए चला गया। वह किसका फोन था और किसने किया था। उसे कहां बुलाया था और क्या बात की थी। इसके बारे में कॉल डिटेल के बाद भी रहस्य से पर्दा उठेगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर ट्रेन से हादसा हुआ होता तो शरीर के टुकड़े हो जाते, जबकि ऐसा नहीं हुआ। केवल उसके शरीर पर कुछ जख्म हैं। साथ ही शव रेलवे लाइन के पास मिला है, जैसे किसी ने शव को लाकर रख दिया हो। बहरहाल पुलिस की जांच के बाद ही मौत का सच सामने आएगा कि हादसा है या फिर हत्या।
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जानकारी के अनुसार उसका थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी विजय कुमार (28) पुत्र मुन्नी लाल की शादी सदर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर मोहल्ले के निवासी केशरी की बेटी रेनू की साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि विजय पहले गुजरात में रहकर काम करता था। अक्तूबर माह में उसके भाई और मां उसको गुजरात से जाकर घर लाए थे। इसके बाद से वह अपनी ससुराल में रहकर नौगढ़ में एक व्यापारी के यहां काम करता था।
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वह शनिवार की शाम तकरीबन पांच बजे काम से घर लौटा। इसके बाद पत्नी रेनू को साथ लेकर कांशीराम आवास से कृष्णानगर मोहल्ले स्थित ससुराल में दूसरे घर पर गया था। परिजनों ने मुताबिक खाने के बाद वह कांशीराम आवास में पत्नी के बाबा के आवास में सोने की बात कहकर निकला था। शनिवार की सुबह गोरखपुर-गोंडा रेलखंड के भीमापार स्थित रेलवे क्रॉसिंग के समीप रेलवे ट्रैक पर उसकी लाश मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चेहरे व सिर के एक हिस्से पर जख्म के निशान मिले हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, कुछ लोग इसे हादसा बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
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हादसा या हत्या कॉल डिटेल से खुलेगा रहस्य
पत्नी और ससुराल के लोगों के मुताबिक खाना खाने के कुछ ही देर बाद विजय के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। इसके बाद वह जल्दी-जल्दी घर से निकला और बात करते हुए चला गया। वह किसका फोन था और किसने किया था। उसे कहां बुलाया था और क्या बात की थी। इसके बारे में कॉल डिटेल के बाद भी रहस्य से पर्दा उठेगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर ट्रेन से हादसा हुआ होता तो शरीर के टुकड़े हो जाते, जबकि ऐसा नहीं हुआ। केवल उसके शरीर पर कुछ जख्म हैं। साथ ही शव रेलवे लाइन के पास मिला है, जैसे किसी ने शव को लाकर रख दिया हो। बहरहाल पुलिस की जांच के बाद ही मौत का सच सामने आएगा कि हादसा है या फिर हत्या।
बिलखती मां के आंसू को पोछता रहा तीन साल का शिवम
विजय की मौत ने दोनों परिवार को सदमे में डाल दिया। काम से लौटने के बाद हंसते हुए पत्नी के साथ निकला विजय कभी वापस नहीं आएगा। यह किसी ने सोचा भी नहीं था। शनिवार की सुबह जब मौत की खबर मिली तो जहां था वहीं सन्न रह गया। परिजनों के मुताबिक शादी के बाद विजय को बेटा हुआ था। जिसका नाम शिवम है और अब शिवम तीन साल का हो चुका है।
गुजरात जाने के बाद विजय काफी दिनों से घर नहीं आ रहा था। इसलिए मां और भाई उसे गुजरात लाने के लिए गए थे। तीन माह पूर्व ही वह घर आया। इसके बाद रोजी-रोटी के सिलसिले में ससुराल में आकर रहने लगा। यहां मजदूरी करता था, इसी से उसका परिवार चल रहा था। मगर एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया। मौत की खबर सुनकर हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल था।
वहीं, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जो दृष्य समाने आया है, उसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रहीं थी। पत्नी रेनू चीखकर रो रही थी और तीन वर्षीय शिवम, जिसे यह भी नहीं पता था कि अब उसके पापा इस दुनिया में नहीं रहे। वह लोगों को रोता हुआ देखकर खुद भी रो रहा था और तीन साल का यह मासूम रोती हुई मां का आंसू पोछ रहा था। जिसे देखने के बाद हर कोई अपने को रोक नहीं पा रहा था।
गुजरात जाने के बाद विजय काफी दिनों से घर नहीं आ रहा था। इसलिए मां और भाई उसे गुजरात लाने के लिए गए थे। तीन माह पूर्व ही वह घर आया। इसके बाद रोजी-रोटी के सिलसिले में ससुराल में आकर रहने लगा। यहां मजदूरी करता था, इसी से उसका परिवार चल रहा था। मगर एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया। मौत की खबर सुनकर हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल था।
वहीं, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जो दृष्य समाने आया है, उसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रहीं थी। पत्नी रेनू चीखकर रो रही थी और तीन वर्षीय शिवम, जिसे यह भी नहीं पता था कि अब उसके पापा इस दुनिया में नहीं रहे। वह लोगों को रोता हुआ देखकर खुद भी रो रहा था और तीन साल का यह मासूम रोती हुई मां का आंसू पोछ रहा था। जिसे देखने के बाद हर कोई अपने को रोक नहीं पा रहा था।