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Gorakhpur News: दिल्ली की कंपनी ने शहर के कारोबारी से एजेंसी दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये ठगे

Sun, 18 Jan 2026 01:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:13 AM IST
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A Delhi-based company duped a city businessman of Rs 35 lakh on the pretext of providing him an agency.
गोरखपुर। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ इन्क्लेव निवासी कारोबारी मानिक सिंह ने दिल्ली स्थित लेवू इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड पर एजेंसी दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये से अधिक की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर कंपनी के प्रोपराइटर पीयूष त्यागी, निदेशक ओम चोपड़ा और मैनेजर जनाब सिंह और विनय मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में रामगढ़ताल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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मानिक सिंह के अनुसार, मार्च 2023 में उनकी मुलाकात लेवू इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर नई दिल्ली के सुकर बाजार रोड उत्तमनगर निवासी पीयूष त्यागी, सेल्स डायरेक्टर ओम चोपड़ा, मैनेजर जनाब सिंह और विनय मेहता से हुई थी। ये सभी पहले से उनके पिता के परिचित थे और कई बार गोरखपुर आकर कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहनों की खूबियां बताते रहे। आरोप है कि कंपनी के वाहनों की बाजार में अच्छी मांग और अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर तारामंडल बाइपास के पास शुभ इलेक्ट्रिक के नाम से एजेंसी दिलाई।
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पीड़ित का कहना है कि एजेंसी की सभी शर्तों का पालन करते हुए उन्होंने मार्च 2023 में बतौर एडवांस 35 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से कंपनी के खाते में जमा कर दिए। इसके बाद कंपनी ने कुछ इलेक्ट्रिक वाहन भेजे, लेकिन कई गाड़ियों में जरूरी पार्ट्स ही नहीं थे। नियमों के मुताबिक कंपनी को स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे बिक्री प्रभावित हुई। इस संबंध में कई बार कंपनी को शिकायत की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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आरोप है कि शिकायत करने पर कंपनी ने सारा माल वापस लेने और 45 दिन के भीतर पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया। कंपनी के निर्देश पर 23 अप्रैल 2024 को सभी वाहन और सामान ट्रांसपोर्ट के जरिये वापस भेज दिए गए लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।

इसके बाद कंपनी के जिम्मेदारों ने फोन उठाना बंद कर दिया और उनके मोबाइल नंबर भी बंद हो गए। मानिक सिंह का आरोप है कि उनके अलावा राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के एजेंटों से भी इसी तरह एजेंसी के नाम पर ठगी की गई है। उनका कुल बकाया 35 लाख, 23 हजार, 159 रुपये है। पीड़ित ने जनसुनवाई कार्यालय, पुलिस महानिदेशक, एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से भी शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीजेएम कोर्ट की शरण ली।


कोर्ट के आदेश पर कंपनी के प्रोपराइटर, निदेशक और मैनेजरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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