{"_id":"5f84bc2f8ebc3e9b85057175","slug":"75-percent-application-for-phd-in-gorakhpur-university-from-other-states-gorakhpur-city-news-gkp3691553149","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल और दमन-दीव से विद्यार्थियों ने जताई डीडीयू में पढ़ने की इच्छा, पीएचडी के लिए 75 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल और दमन-दीव से विद्यार्थियों ने जताई डीडीयू में पढ़ने की इच्छा, पीएचडी के लिए 75 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों से
Tue, 13 Oct 2020 11:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 11:02 AM IST
विज्ञापन
DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्नातक एवं परास्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए इस वर्ष 13 राज्यों से करीब 200 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। इसके अलावा नेपाल और दमन-दीव से भी विद्यार्थियों ने पढ़ने की इच्छा जताई है। पीएचडी के लिए होने वाली रेट के लिए 75 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने किए हैं। इन आवेदनों से विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि उसे एनआईआरएफ रैंकिंग में अच्छे नंबर हासिल हो सकेंगे।
मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) किया जाता है। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने स्नातक एवं परास्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि को 12 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था। दूसरे राज्यों में इसके लिए प्रचार-प्रसार भी किया गया। जिसका नतीजा भी सामने आया है और दूसरे राज्यों से आवेदन आने शुरू हो गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली से 10, हरियाणा से 28, पश्चिम बंगाल से 27, नेपाल से 67 सहित अन्य राज्यों से अभ्यर्थियों के आवेदन आए हैं। कई विद्यार्थियों ने दमन-दीव से भी ऑनलाइन स्नातक में पढ़ाई के लिए आवेदन किए हैं। इधर विश्वविद्यालय में रेट और विदेशी छात्रों के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दी गई है। पहले यह 12 अक्तूबर ही निर्धारित की गई थी।
विज्ञापन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि दूसरे राज्यों से विश्वविद्यालय में विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे तो एक-दूसरे में प्रतियोगिता का भाव पैदा होगा। पीएचडी में 75 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों से हैं। यह सब योजनाबद्ध तरीके से काम करने के चलते हुआ है। इससे यूजीसी की एनआईआरएफ रैकिंग में बेहतर स्थान मिलेगा।
इन राज्यों से आए हैं आवेदन
दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मेघालय, असम, बिहार, पंजाब, त्रिपुरा, झारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, राजस्थान। (दमन-दीव और नेपाल से भी आवेदन)
विज्ञापन
मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) किया जाता है। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने स्नातक एवं परास्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि को 12 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था। दूसरे राज्यों में इसके लिए प्रचार-प्रसार भी किया गया। जिसका नतीजा भी सामने आया है और दूसरे राज्यों से आवेदन आने शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन
आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली से 10, हरियाणा से 28, पश्चिम बंगाल से 27, नेपाल से 67 सहित अन्य राज्यों से अभ्यर्थियों के आवेदन आए हैं। कई विद्यार्थियों ने दमन-दीव से भी ऑनलाइन स्नातक में पढ़ाई के लिए आवेदन किए हैं। इधर विश्वविद्यालय में रेट और विदेशी छात्रों के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दी गई है। पहले यह 12 अक्तूबर ही निर्धारित की गई थी।
विज्ञापन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि दूसरे राज्यों से विश्वविद्यालय में विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे तो एक-दूसरे में प्रतियोगिता का भाव पैदा होगा। पीएचडी में 75 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों से हैं। यह सब योजनाबद्ध तरीके से काम करने के चलते हुआ है। इससे यूजीसी की एनआईआरएफ रैकिंग में बेहतर स्थान मिलेगा।
इन राज्यों से आए हैं आवेदन
दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मेघालय, असम, बिहार, पंजाब, त्रिपुरा, झारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, राजस्थान। (दमन-दीव और नेपाल से भी आवेदन)