Gorakhpur News: खुद को पुलिस अधिकारी बताकर 67 हजार ठगे, सामने आए कई मामले
पीड़ित रविंद्र निषाद ने दी गई तहरीर में लिखा है कि उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधीक्षक बताते हुए अपने मोबाइल पर 67, 850 रुपये भेजने को कहा। पीड़ित जालसाज की बातों से डर गया और फिर खाते में रुपये भेज दिए।
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गोरखपुर जिले में चौरीचौरा के मुंडेरा बाजार निवासी रविंद्र निषाद से जालसाज ने पुलिस अधिकारी बनकर 67,850 रुपये की जालसाजी कर ली। तीन अलग-अलग नंबरों पर उसने रुपये मंगाए हैं। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित रविंद्र निषाद ने दी गई तहरीर में लिखा है कि उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधीक्षक बताते हुए अपने मोबाइल पर 67, 850 रुपये भेजने को कहा। पीड़ित जालसाज की बातों से डर गया और फिर खाते में रुपये भेज दिए। रविन्द्र निषाद ने बताया कि उनके पिता तमिलनाडु में पेंट पॉलिश का काम करते हैं, उन्हीं के पैसे मेरे खाते में थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन मोबाइल नंबरों के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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व्हाट्सएप कॉल कर खाते से उड़ा लिए 1.20 लाख रुपये
गुलरिया इलाके के हरसेवकपुर नंबर दो हाता टोला निवासी सुरेश कुमार पांडेय के खाते से जालसाज ने 1.20 लाख रुपये उड़ा लिए। गुलरिहा पुलिस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, सुरेश कुमार पांडेय ने दी तहरीर में लिखा है कि सात मार्च को उनका पुत्र विवेक एक वेब ब्राउजर पर बेस्ट बाई एप्लिकेशन से शेयर खरीदने के संबंध में सर्च कर रहा था।
इसी दौरान एक नंबर से उनके नंबर पर व्हाट्सएप कॉल आया। ओटीपी की जानकारी मांगी गई। इसके बाद छह बार में विभिन्न माध्यमों से एक लाख बीस हजार रुपये बैंक खाते से उड़ा दिए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद जानकारी हुई।
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अस्पताल में नंबर लगवाने के नाम पर 90 हजार की जालसाजी
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद कलाम के पिता हृदय के रोगी हैं। उन्हें दिखाने के लिए 12 मार्च को लखनऊ स्थित एक हॉस्पिटल गोमती नगर पता बताते हुए फोन आया और नंबर लगवाने के लिए मोबाइल से पांच रुपये भेजने को कहा गया। कथित अस्पताल कर्मचारी द्वारा भेजे गए लिंक पर पीड़ित ने पांच रुपये भेज दिए। दूसरे दिन 13 मार्च को उसके खाते से 99 हजार 99 रुपये बिना जानकारी के कट गए।