गोरखपुर: होटल शिवाय सहित 60 संस्थानों ने जमा नहीं किया अंशदान, नोटिस; जमा नहीं कराने पर होगी कार्रवाई
ईपीएफओ की ओर से दिए गए नोटिस में पूछा गया है कि उनके यहां कार्यरत कर्मचारियों के अंशदान जमा क्यों नहीं कराए गए? संस्थानों को नोटिस मिलने के बाद जवाब देना है। इस दौरान ईपीएफओ संस्थानों से रिकॉर्ड तलब करेगी, जिसके बाद रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर शहर के कई नामी होटलों व संस्थानों के अलावा गोरखपुर परिक्षेत्र के 60 व्यावसायिक व शैक्षणिक संस्थानों ने अपने कर्मचारियों के पीएफ अंशदान को जमा नहीं किया है। बकाया रकम तीन से छह महीने की है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने इन संस्थानों डिफाल्टर घोषित किया है और नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। अगर नोटिस के बाद भी अंशदान जमा नहीं किया गया तो रिकॉर्ड तलब कर आगे की कार्रवाई करेगा।
कर्मचारी भविष्य निधि में कर्मचारियों का अंशदान नहीं करने वाले संस्थानों पर विभाग ने सख्ती की है। शहर में होटल शिवाय, लाहिड़ी होटल-बैंक रोड, आरके जनरल सेल्स, सरस्वती शिशु मंदिर, हायर सेकेंड्री स्कूल सूर्यकुंड, सरस्वती शिशु मंदिर के अलावा बस्ती की जेएचवी चीनी मिल भी सूची में शामिल हैं।
ईपीएफओ की ओर से दिए गए नोटिस में पूछा गया है कि उनके यहां कार्यरत कर्मचारियों के अंशदान जमा क्यों नहीं कराए गए? संस्थानों को नोटिस मिलने के बाद जवाब देना है। इस दौरान ईपीएफओ संस्थानों से रिकॉर्ड तलब करेगी, जिसके बाद रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर परिक्षेत्र में आते हैं ये 12 जिले
गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोंडा, बलिया, बलरामपुर तथा श्रावस्ती शामिल हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन गोरखपुर परिक्षेत्र आयुक्त शशांक जायसवाल ने कहा कि गोरखपुर परिक्षेत्र के 60 संस्थानों को कर्मचारियों के अंशदान जमा नहीं करने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इन संस्थानों के रिकाॅर्ड तलब कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर विश्वविद्यालय: 10 करोड़ पीएफ बकाए में अब शुरू हुआ अंशदान निर्धारण
गोरखपुर विश्वविद्यालय में आउटसोर्स कर्मचारियों की 10 करोड़ रुपये से ज्यादा भविष्य निधि में हेराफेरी का मामला पिछले साल अक्तूबर में पकड़ा गया था। तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने जब जांच कराई तो पता चला कि बीते 16 साल से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पीएफ निधि का अंशदान नियमित जमा नहीं किया गया है। कागजों में यह रकम जमा होती रही थी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि कि 7-ए की कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत बकाया अंशदान का निर्धारण ईपीएफ द्वारा किया जाएगा। निर्धारित अंशदान जमा नहीं करने की स्थिति में विभाग रिकवरी की कार्रवाई करेगा। 7-ए की कार्रवाई के तहत जिम्मेदार की गिरफ्तारी तक की जा सकती है।