Exclusive: गोरखपुर में चेयरमैन के रडार पर बिजली निगम के 592 कर्मी, भेजी गई सूची
चेयरमैन को जो सूची भेजी गई है, उसके मुताबिक, मुख्य अभियंता कार्यालय के भी 10 कर्मचारी हैं। इनमें दो कर्मचारी तो 1985 और 1987 से इसी कार्यालय में तैनात हैं। आठ कर्मचारी 1990 से ही इसी खंड में तैनात हैं।
विस्तार
पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के रडार पर जोन के 592 बिजली कर्मी हैं। इन कर्मियों के पिछले पांच वर्ष की तैनाती, कामकाज सहित अन्य जानकारी सुरक्षित कर ली है। दो कर्मचारी ऐसे हैं, जो 35-37 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हैं। आठ कर्मचारी 32 वर्षों से एक ही खंड में जमे हैं। बताया जा रहा है कि एक जगह जमे और खराब रिकार्ड वाले अभियंता, कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विद्याभूषण ने पांच वर्षों से तैनात बिजली कर्मियों की सूची बनाकर पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज को भेज दी है। इसमें कर्मचारी का नाम, सैप आईडी (ईआरपी पोर्टल वाली), तैनाती स्थल, तैनाती अवधि और मोबाइल नंबर भी शामिल है। इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) पोर्टल से ही अभियंता नया बिजली कनेक्शन स्वीकृत करते हैं।
इसमें कनेक्शन देने में देरी, कम कनेक्शन, ठेकेदारों के बिल भुगतान सहित तमाम जानकारी भी रहती है। पांच वर्ष में किस कर्मचारी या अभियंता ने वित्तीय संबंधी विभागीय काम किया है, इसका ब्योरा दर्ज होता है। इस प्रक्रिया से अभियंता व कर्मचारी दहशतजदा हैं। उनका कहना है कि व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी सूचना पहली बार मांगी गई है। ऐसा लगता है कि एक-एक अभियंता व कर्मचारी के कामकाज की समीक्षा की जा रही है। कामकाज का आकलन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंता कार्यालय में है वर्षों से तैनाती
चेयरमैन को जो सूची भेजी गई है, उसके मुताबिक, मुख्य अभियंता कार्यालय के भी 10 कर्मचारी हैं। इनमें दो कर्मचारी तो 1985 और 1987 से इसी कार्यालय में तैनात हैं। आठ कर्मचारी 1990 से ही इसी खंड में तैनात हैं।
जोन के अलग अलग खंडों के आंकड़े
खंड कर्मचारियों की संख्या
गोरखपुर( शहरी) 172
ग्रामीण प्रथम 121
ग्रामीण द्वितीय 85
देवरिया 86
महाराजगंज 45
कुशीनगर 63
वर्क सर्किल 10
मुख्य अभियंता कार्यालय 10
चेयरमैन ने पहले भी की सख्त कार्रवाई
बिजली निगम के नगरीय वितरण खंड द्वितीय में छह साल पहले नियमों को दरकिनार कर 23 लाख रुपये के 78 बकाएदारों से कम बिल भुगतान कराने के मामले में चेयरमैन ने राजस्व लिपिकों, लेखाकार व अवर अभियंता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। एक खंडीय लेखाकार और जोन के सलेमपुर देवरिया खंड में तैनात कार्यालय सहायक को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। इसके साथ ही खंड में तैनात रहे एक लिपिक को पदावनत कर सेवा प्रारंभ के समय के वेतनमान पर बहाली दी थी। सूरजकुंड बिजली घर के तत्कालीन जेई मनोज गुप्ता को निंदा प्रविष्टि दी थी।
वित्तीय अनियमितता में कई की जांच चल रही
चेयरमैन के निर्देश पर जोन के अलग अलग खंडों में अभियंताओं की जांच चल रही है। इसमें वित्तीय अनियमितता के मामले भी हैं। इन्हीं जांचों के बीच इन कर्मियों की सूची मांगे जाने से हड़कंप मच गया। सिकरीगंज के एक मामले में भी चेयरमैन ने अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया था। इसके अलावा निगम के टीम 29 ( अभियंता, सहायक व कर्मचारी) को भी एक वित्तीय अनियमितता के मामले में आरोप पत्र दिया है।