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Gorakhpur News: सीधी यात्रा और कंफर्म सीट के लिए 46 घंटे देरी भी मंजूर

Tue, 28 May 2024 05:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Tue, 28 May 2024 05:32 AM IST
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46 hours delay also allowed for direct journey and confirmed seat
फोटो
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45 घंटे देरी से रवाना हुई गोरखपुर-पुणे स्पेशल, सुबह से स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्री

14 घंटे री शेड्यूल हुई गोरखपुर-दादर स्पेशल

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर से मुंबई और पुणे जाने वाली स्पेशल ट्रेनों की लेट-लतीफी का सिलसिला जारी है। ये 35 से 45 घंटे तक री-शेड्यूल कर दी जा रही हैं। इसकी वजह से यात्री इंतजार करने को मजबूर हैं। दूसरी ट्रेन में टिकट लेने की जगह इंतजार करने की वजह सीधी यात्रा और कंफर्म सीट है। इसके लिए वे 45 घंटे इंतजार करने के लिए तैयार हैं।
01432 गोरखपुर-पुणे स्पेशल को शनिवार की रात 11:25 बजे जाना था, लेकिन यह पहले 35 घंटे फिर बाद में करीब 45 घंटे री-शेड्यूल कर दी गई। काफी यात्री स्टेशन पर आने के बाद घर लौट गए। सोमवार को सुबह आने के बाद उनको दिनभर प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा। सीट कंफर्म होने की वजह से उन्होंने भी इंतजार करना ही बेहतर समझा। रेल प्रशासन के जिम्मेदारों का कहना है कि पुणे से आने वाली ट्रेन ही 45 घंटे देरी से चली थी, इसकी वजह से उसे गोरखपुुर से भी री-शेड्यूल करना पड़ा।
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गोरखपुर से दादर जाने वाली 01028 गोरखपुर-दादर स्पेशल भी 14 घंटे री शेड्यूल हो गई। सोमवार को सुबह से आए यात्रियों को घर लौटना पड़ा। दूर-दराज के यात्रियों को मजबूरन स्टेशन पर ही रात गुजारनी पड़ी। भटनी के अभिषेक ने बताया कि वह पुणे में रहकर नौकरी करते हैं। स्पेशल ट्रेन में सीट मिली तो दो माह पहले ही बुकिंग कर ली। 15 दिन की छुट्टी पर वे घर आए थे। यह सोमवार को ही पूरी हो गई। सोचा था कि साेमवार को पहुंचने के बाद मंगलवार को ऑफिस पहुुंच जाएंगे, लेकिन अब दो दिन बाद पहुंचने पर बाॅस की डांट सुननी पड़ेगी। दूसरी ट्रेनों में कोशिश की, लेकिन सीट नहीं मिली।
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बस्ती के विशाल के पिता पुणे में रहकर नौकरी करते हैं। विशाल बीए अंतिम वर्ष के छात्र हैं। छुट्टी हुई तो उन्होंने पिता के पास जाने का प्लान बनाया। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने टिकट बुक किया था। शनिवार को आने पर पता चला कि ट्रेन 35 घंटे बाद जाएगी। इसके बाद वह घर चले गए। सोमवार को सुबह से आकर स्टेशन पर इंतजार करते रहे। ट्रेन यहां से रात में रवाना हुई।

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स्टेशन पर बीत रही छुट्टी
इन दिनों स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी का सीजन चल रहा है। लोगों ने इसके लिए पहले से ही घूमने की योजना बना रखी है। लेकिन 45 घंटे ट्रेन लेट होने की वजह से उनका दो दिन ऐसे ही बीत गया। इसी तरह नौकरीपेशा लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है। उनको गिनी चुनी छुट्टी मिलती है, जिसमें से आधी तो ट्रेन के इंतजार में बीत जा रही है।
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बोले यात्री...
पुणे में नौकरी करते हैं। दो दिन यहीं लग गया। शनिवार को घर चले गए और सोमवार का पूरा दिन प्लेटफॉर्म पर ही बीत गया। अब देखते हैं पुणे कब तक पुहंचेंगे।
-सलीम, कुशीनगर

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दो माह पहले ही टिकट किया था। सीट कंफर्म नहीं होती, तो दूसरी ट्रेन में निकल जाते। कंफर्म होने की वजह से इंतजार करना पड़ रहा है।
-उमेश, बगहा वाल्मीकि नगर
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