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40 साल पहले संपत्ति बेचकर मुंबई चला गया था आतंकी जलीस, एसटीएफ ने कानपुर में दबोचा
Sat, 18 Jan 2020 07:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेंहदावल (संतकबीरनगर)।
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेंहदावल (संतकबीरनगर)।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2020 07:52 AM IST
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जलीस अंसारी
- फोटो : फाइल
कानपुर में एसटीएफ के हत्थे चढ़े आतंकी डॉ. जलीस अंसारी की गिरफ्तारी पर उसके गांव बखिरा क्षेत्र के लेडुआ-महुआ में लोग तरह-तरह की चर्चा करते रहे। लोग उसके कृत्य को घृणित बता रहे थे।
नाम न प्रकाशित करने के अनुरोध पर बुजुर्गों ने बताया कि डॉ. जलीस अंसारी के बाबा 70-80 साल पहले मुंबई गए थे। उसके दस वर्ष बाद डॉ. जलीस के पिता भी मुंबई चले गए। वहां वे हाजी मस्तान के संपर्क में आ गए। जलीस अंसारी की शादी गांव में ही हुई थी। चार भाइयों में जलीस सबसे बड़ा है। वह गांव में ही प्रेक्टिस करता था।
1980 के आसपास यहां की जमीन और संपत्ति बेचकर वह भी परिवार समेत मुंबई चला गया। मुंबई बम ब्लास्ट कांड के आरोपियों में भी उसका नाम शामिल था। एसओ बखिरा रवींद्र गौतम ने बताया कि आंतकी डॉ. जलीस अंसारी लेडुआ महुआ का रहने वाला था, लेकिन यहां से लंबे समय से घर आदि बेचकर वह मुंबई चला था। यहां उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
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पैरोल तोड़कर भागे 50 से अधिक बम विस्फोटों के मास्टरमाइंड डॉ. जलीश अंसारी 1993 में मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में कानपुर व कोटा में सीरियल ब्लास्ट मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 21 दिन पहले वह अजमेर जेल से पैरोल पर अपने घर मुंबई गया था। शुक्रवार को पैरोल खत्म होनी थी। इससे पहले ही वह बृहस्पतिवार को मुंबई से भाग निकला था। बेटे ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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नाम न प्रकाशित करने के अनुरोध पर बुजुर्गों ने बताया कि डॉ. जलीस अंसारी के बाबा 70-80 साल पहले मुंबई गए थे। उसके दस वर्ष बाद डॉ. जलीस के पिता भी मुंबई चले गए। वहां वे हाजी मस्तान के संपर्क में आ गए। जलीस अंसारी की शादी गांव में ही हुई थी। चार भाइयों में जलीस सबसे बड़ा है। वह गांव में ही प्रेक्टिस करता था।
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1980 के आसपास यहां की जमीन और संपत्ति बेचकर वह भी परिवार समेत मुंबई चला गया। मुंबई बम ब्लास्ट कांड के आरोपियों में भी उसका नाम शामिल था। एसओ बखिरा रवींद्र गौतम ने बताया कि आंतकी डॉ. जलीस अंसारी लेडुआ महुआ का रहने वाला था, लेकिन यहां से लंबे समय से घर आदि बेचकर वह मुंबई चला था। यहां उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
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पैरोल तोड़कर भागे 50 से अधिक बम विस्फोटों के मास्टरमाइंड डॉ. जलीश अंसारी 1993 में मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में कानपुर व कोटा में सीरियल ब्लास्ट मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 21 दिन पहले वह अजमेर जेल से पैरोल पर अपने घर मुंबई गया था। शुक्रवार को पैरोल खत्म होनी थी। इससे पहले ही वह बृहस्पतिवार को मुंबई से भाग निकला था। बेटे ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।