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गोरखपुर: सीएम योगी की मेहनत लाई रंग, खाद कारखाने से रोजाना 3850 मीट्रिक टन यूरिया का होगा उत्पादन
Sun, 28 Nov 2021 09:31 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 28 Nov 2021 09:31 AM IST
सार
गोरखपुर खाद कारखाने के निर्माण में करीब 8000 करोड़ रुपये की लागत आई है। कारखाना परिसर में 30 करोड़ की लागत से विशेष रबर डैम भी बना है।
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गोरखपुर खाद कारखाना।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर खाद कारखाना से रोजाना 3850 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा। इसका ट्रायल 30 नवंबर से शुरू हो जाएगा। प्रति वर्ष 12 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया का उत्पादन का लक्ष्य है। इससे आयात में भारी कमी आएगी और खाद के मामले में भारत आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट खाद कारखाना का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात दिसंबर को करेंगे। इसके संचालन की जिम्मेदारी हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की है। एचयूआरएल एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी, इंडियन ऑयल कोर्पोरेशन लीड प्रमोटर्स हैं। फर्टिलाइजर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कारपोरेशन लिमिटेड भी साझीदार हैं।
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इस संयुक्त उपक्रम के अधीन गोरखपुर खाद कारखाने के निर्माण में करीब 8000 करोड़ रुपये की लागत आई है। कारखाना परिसर में 30 करोड़ की लागत से विशेष रबर डैम भी बना है। कारखाने में जो खाद बनेगी उसकी आपूर्ति पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार व यूपी से सटे अन्य राज्यों और नेपाल में भी की जाएगी।
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योगी ने हर संसद सत्र में उठाई खाद कारखाना चलाने की मांग
गोरखपुर में 1968 में स्थापित फर्टिलाइजर कारपोरेशन ऑफ इंडिया के खाद कारखाने को 1990 में हुए एक हादसे के बाद बंद कर दिया गया। एक बार यहां की मशीनें शांत हुईं तो तरक्की से जुड़ी उनकी आवाज को दोबारा सुनने की दिलचस्पी सरकारों ने नहीं दिखाई। 1998 में गोरखपुर से पहली बार सांसद बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने संसद के हर सत्र में खाद कारखाने को चलाने या इसके स्थान पर नए प्लांट के लिए आवाज बुलंद की।
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ की इस मांग पर संजीदगी दिखाई और 22 जुलाई 2016 को नए खाद कारखाने का शिलान्यास कर पूर्वी उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात दी। मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाद कारखाने के निर्माण में किसी तरह की बाधा ही नहीं रह गई। खास बात यह भी है कि यहां पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस आधारित प्लांट लगाया गया है।
एक नजर में
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ की इस मांग पर संजीदगी दिखाई और 22 जुलाई 2016 को नए खाद कारखाने का शिलान्यास कर पूर्वी उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात दी। मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाद कारखाने के निर्माण में किसी तरह की बाधा ही नहीं रह गई। खास बात यह भी है कि यहां पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस आधारित प्लांट लगाया गया है।
एक नजर में
- शिलान्यास - 22 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों
- संचालनकर्ता : हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड
- कार्यदायी संस्था - टोयो जापान
- कुल बजट - करीब 8000 करोड़ रुपये
- यूरिया प्रकार - नीम कोटेड
- प्रीलिंग टावर - 149.5 मीटर ऊंचा
- रबर डैम का बजट- 30 करोड़
- रोजगार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष - 10 हजार
- रोजाना यूरिया उत्पादन - 3850 मीट्रिक टन
- रोजाना लिक्विड अमोनिया उत्पादन -2200 मीट्रिक टन