Gorakhpur Road Accident: जवान बेटों को खोया, अब लोगों को हेलमेट के लिए करते हैं सचेत
एसपी ट्रैफिक डॉ. महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि हेलमेट लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। नहीं लगाने वालों से जुर्माना वसूला जाता है। चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट के लिए भी अभियान चलाया जाता है। लोगों से अपील की जाती है कि खुद के और परिवार के बारे में सोचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सुरक्षित घर लौट सकें।
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गोरखपुर जिले के गुलरिहा के रसूलपुर निवासी 55 साल के श्रीकांत ने सड़क हादसे में अपने दो जवान बेटों विनय पाल सिंह और अजय सिंह को खोया है। दोनों ने मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट नहीं लगाया था। दो जवान बेटों को कंधा देने का दर्द श्रीकांत को इस कदर झकझोरा कि अब वह हर किसी को हेलमेट लगाने के लिए टोकते और सलाह देते हैं।
बिना हेलमेट लगाए बाइक चला रहे बेटे विनय पाल सिंह की हादसे में जान गई, तो श्रीकांत दूसरे बेटे अजय को हेलमेट के लिए टोकते रहते थे। लेकिन, जिस दिन अजय का हादसा हुआ वह हेलमेट लगाना भूल गया था, जिससे उसकी जान चली गई। श्रीकांत अब किसी को भी बाइक पर बिना हेलमेट लगाए देख लेते हैं, तो तुरंत टोकते हैं। कई बार उन्हें इसके लिए खरी-खोटी भी सुननी पड़ती है।
इस तरह के कई परिवार हैं जिनकी खुशियां सड़क हादसे ने खत्म कर दी। घर का चिराग बुझ जाने से कइयों को जिंदगी भर का दर्द और अफसोस मिला है। जनवरी से 30 अक्तूबर 2022 तक गोरखपुर मंडल (गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज) में 1,024 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 430 लोगों ने जान गंवा दी। इन हादसों में 287 बाइक सवार हैं, जिनकी मौत की वजह सिर में लगी चोट बनी।
दस महीने में हुए सड़क हादसे
- कुल हादसे - 1,024
- हादसों में मौत - 430
- सिर पर चोट से मौत - 287
- घायलों की संख्या - 653
- केस दर्ज - 998
ये हैं जिले के एक्सीडेंट स्पॉट
जिले में कोनी तिराहा, मोतीराम अड्डा, दुबियारी पुल, फुटहवा, सतहवां ढाला, बदुरिहा, कुसम्ही जंगल, सिक्टौर, रामनगर कड़जहां, छताई पुल, बरहुआ, एकला तोड़, कसिहार, गीडा कालेसर जीरो प्वाइंट, बोक्टा, भीटी रावत, महानखोर, पादरी बाजार चौराहा, भटहट सहित 50 स्पॉट चिह्नित हैं।
एसपी ट्रैफिक डॉ. महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि हेलमेट लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। नहीं लगाने वालों से जुर्माना वसूला जाता है। चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट के लिए भी अभियान चलाया जाता है। लोगों से अपील की जाती है कि खुद के और परिवार के बारे में सोचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सुरक्षित घर लौट सकें।