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Gorakhpur: लावारिस से वरासत हुई 26 एकड़ जमीन मामले की होगी जांच, डीएम बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई

Wed, 10 Aug 2022 01:39 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 10 Aug 2022 01:39 PM IST
सार

राजस्व अभिलेखों में यह जमीन कोलकाता के रहने वाले अतुलकृष्ण बनर्जी, केदारनाथ मुखर्जी, शैलेंद्रनाथ मुखर्जी, लक्खी देवी के नाम दर्ज थी। करीब तीन साल पहले पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर तेजी से जमीन की बिक्री होने लगी तो प्रशासन से इसकी शिकायत हुई।
 

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26 acres of land inherited from unclaimed land will be investigated
गोरखपुर डीएम कृष्णा करुणेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पहेली बनी सदर तहसील क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर दो की कीमती 26 एकड़ जमीन मामले की जांच होगी। डीएम कृष्णा करूणेश ने जांच के लिए कमेटी गठित की है। उनका कहना है कि कमेटी को दो दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। गड़बड़ी मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

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राजस्व अभिलेखों में यह जमीन कोलकाता के रहने वाले अतुलकृष्ण बनर्जी, केदारनाथ मुखर्जी, शैलेंद्रनाथ मुखर्जी, लक्खी देवी के नाम दर्ज थी। करीब तीन साल पहले पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर तेजी से जमीन की बिक्री होने लगी तो प्रशासन से इसकी शिकायत हुई।
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तत्कालीन एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने पड़ताल कराई तो पता चला कि जमीन के मूल खातेदार यहां रहते ही नहीं। उन्होंने लेखपालों की टीम कोलकाता भेजी तो वहां के पते पर भी कोई खातेदार नहीं मिला। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक चार-पांच दशक पहले खातेदारों के ही परिवार के एक सदस्य की हत्या हो गई थी जिसकी वजह से सभी खातेदार गोरखपुर छोड़कर कोलकाता चले गए।
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जमीन के व्यावसाय में कमाई बढ़ी तो कुछ जमीन कारोबारियों ने भी कोलकाता में मूल खातेदारों से संपर्क साधना चाहा। ज्यादातर को तो निराशा मिली लेकिन एक-दो सफल हुए। उन्होंने वहां से पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर जमीन की बिक्री शुरू कर दी। उधर लेखपालों की टीम को जब मूल खातेदार नहीं मिले तो उसी आधार पर एसडीएम सदर ने 2019-20 में जमीन को लावारिस घोषित कर दिया। इसके बाद इसे नगर निगम को एक साल के लिए आवंटित कर दिया गया। मगर आठ महीने ही बीते थे कि जमीन को वेटरिनरी कॉलेज के नाम आवंटित कर दिया गया।

जगह कम पड़ने की वजह से वहां कॉलेज का निर्माण नहीं हुआ मगर इसी बीच मई 2022 में तहसीलदार न्यायिक ने अचानक जमीन की वरासत कर दी। मामला डीएम कृष्णा करूणेश तक पहुंचा तो उन्होंने जुलाई में इस जमीन को उद्यान विभाग के नाम दर्ज कर दिया।

डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि जंगल डुमरी नंबर दो की 26 एकड़ जमीन के वरासत मामले की जांच की जिम्मेदारी सीआरओ एसके गोंड और एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह को दी गई है। कमेटी को दो दिनों में रिर्पोट देने का निर्देश दिया गया है।

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