फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   23 percent people became mentally ill during the Corona period

Gorakhpur News: कोरोना काल में 23 फीसदी लोग हुए थे मानसिक रोगी

Sat, 07 Oct 2023 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Oct 2023 12:48 AM IST
विज्ञापन
23 percent people became mentally ill during the Corona period
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की शोध रिपोर्ट, 16 प्रतिशत थे अवसाद के शिकार
विज्ञापन

- इंडियन जर्नल ऑफ साइकेट्री में प्रकाशित हो चुका है यह शोध पत्र


अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कोरोना संकट के दौरान लगे लॉकडाउन का लोगों की मन:स्थिति पर गहरा असर हुआ था। इलाज नहीं मिलने की वजह से 23 प्रतिशत लोग मानसिक रोगी हो गए थे। वहीं इस दौरान हो रही मौतों व अन्य कारणों के चलते 16 प्रतिशत लोग अवसाद के शिकार हो गए थे। इस स्थिति से पूरी तरह उबरने में लोगों को लंबा वक्त लगेगा। अब जाकर स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही है।
यह निष्कर्ष निकला है बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टरों व छात्रों के सम्मिलित शोध में। विभागाध्यक्ष डॉ. तापस कुमार आईच की अगुवाई में डॉ. आमिल एच खान, दीपा सिंह, ऋचा पांडेय, गौरव एस यादव और प्रभात के अग्रवाल की टीम ने अप्रैल 2020 से अक्तूबर 2020 के बीच मानसिक रोग विभाग में टेली कंस्लटेशन के जरिए अपना इलाज कराने वाले 968 लोगों पर यह शोध कार्य किया।
विज्ञापन

डॉ. तापस ने बताया कि कोरोना की पहली लहर के दौरान जब लॉकडाउन किया गया तो अचानक ही ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में 95 प्रतिशत तक कमी आ गई। इसके बाद लोगों को ऑनलाइन उपचार की सुविधा दी गई। डॉक्टरों की टीम ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लॉकडाउन शुरू होने से पहले और बाद में आने वाले रोगियों की संख्या का एक तुलनात्मक अध्ययन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान उपचार कराने वाले रोगियों के अनुभव के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई। अध्ययन अवधि के दौरान रोगियों के ओपीडी पंजीकरण में 94.5 प्रतिशत की गिरावट आई। मानसिक रोग विभाग की तरफ से शुरू की गई टेली-परामर्श सेवा के तीन महीने के दौरान ही 23.5 प्रतिशत लोगों के मानसिक रोग का उपचार किया गया। 21.4 प्रतिशत लोग विभिन्न प्रकार के सिरदर्द से परेशान थे। इसके अलावा 15.9 प्रतिशत मरीजों में अवसाद के लक्षण थे। 15.3 प्रतिशत को चिंता विकार और 8.8 प्रतिशत को द्विध्रुवी-प्रभावी विकार (किंतु-परंतु) था।

--------
कोविड अस्पताल के चलते प्रभावित हुआ बीआरडी
कोरोना के दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ही कोविड का लेवल-3 अस्पताल था। मेडिकल कॉलेज में केवल इमरजेंसी मरीजों का इलाज किया जा रहा था। कोविड लेवल-3 के भय की वजह से सामान्य रोगी भी बीआरडी नहीं पहुंचे। इससे उनका इलाज नहीं हो पाया। साथ ही बीआरडी के संसाधनों का भी उपयोग नहीं हो सका। शोध में यह बात भी सामने आई कि कोविड लेवल-3 अस्पताल इसी परिसर में होने की वजह से लोग अपने अन्य बीमारियों का इलाज कराने नहीं आए। इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed