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दिक्कत: 160 स्टेशन मास्टरों को अब तक नहीं मिला इंक्रीमेंट, नरमू ने मांगी रिपोर्ट
Fri, 18 Jun 2021 11:48 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 18 Jun 2021 11:48 AM IST
सार
ज्यादातर की मंडल से रिपोर्ट ही नहीं भेजी गई। वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी ने दिया कार्रवाई का निर्देश।
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नरमू महामंत्री केएल गुप्त।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी और लखनऊ मंडल के 160 स्टेशन मास्टरों को इंक्रीमेंट नहीं मिला है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रमुख मुख्य परिचालन अधिकारी से गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी ने मंडल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
दरअसल, लखनऊ और वाराणसी मंडल के स्टेशन मास्टर संवर्ग में वार्षिक एप्रेजल के तौर पर भेजे गए एमएसीपी (मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन) रिपोर्ट के मुताबिक सूची जारी की गई। नरमू के महामंत्री ने बताया कि वाराणसी मंडल में 312 कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ मिलना था, लेकिन 180 कर्मचारियों को ही मिला।
51 स्टेशन मास्टर की गोपनीय रिपोर्ट अच्छी न होने तथा 81 कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट विभाग द्वारा उपलब्ध न कराए जाने के कारण वित्तीय लाभ नहीं मिल सका। इसी तरह लखनऊ मंडल के कुल 285 स्टेशन मास्टरों में 257 स्टेशन मास्टर को वित्तीय लाभ मिला है।
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28 स्टेशन मास्टर की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट प्राप्त न होने के कारण उनको वित्तीय उन्नयन का लाभ नहीं मिला। इस संबंध में महामंत्री ने प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनिल कुमार सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभाग द्वारा वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट न भेजने के कारण नाराजगी जताई। प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक ने 15 दिन के अंदर वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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दरअसल, लखनऊ और वाराणसी मंडल के स्टेशन मास्टर संवर्ग में वार्षिक एप्रेजल के तौर पर भेजे गए एमएसीपी (मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन) रिपोर्ट के मुताबिक सूची जारी की गई। नरमू के महामंत्री ने बताया कि वाराणसी मंडल में 312 कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ मिलना था, लेकिन 180 कर्मचारियों को ही मिला।
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51 स्टेशन मास्टर की गोपनीय रिपोर्ट अच्छी न होने तथा 81 कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट विभाग द्वारा उपलब्ध न कराए जाने के कारण वित्तीय लाभ नहीं मिल सका। इसी तरह लखनऊ मंडल के कुल 285 स्टेशन मास्टरों में 257 स्टेशन मास्टर को वित्तीय लाभ मिला है।
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28 स्टेशन मास्टर की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट प्राप्त न होने के कारण उनको वित्तीय उन्नयन का लाभ नहीं मिला। इस संबंध में महामंत्री ने प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनिल कुमार सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभाग द्वारा वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट न भेजने के कारण नाराजगी जताई। प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक ने 15 दिन के अंदर वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।