{"_id":"61507f5819288a58496552ad","slug":"14-acres-of-land-declared-property-of-state-government-order-for-action-against-gang-involved-in-misappropriation","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: 14 एकड़ जमीन राज्य सरकार की संपत्ति घोषित, हेराफेरी करने वाले गैंग के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: 14 एकड़ जमीन राज्य सरकार की संपत्ति घोषित, हेराफेरी करने वाले गैंग के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश
Sun, 26 Sep 2021 07:40 PM IST
सुशील कुमार कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, डुमरियागंज
संवाद न्यूज एजेंसी, डुमरियागंज
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sun, 26 Sep 2021 07:40 PM IST
सार
डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन ने कहा कि तहसील अंतर्गत राजस्व ग्राम हटवा मोहम्मद कलूट, मोहम्मद कल्लू और मोहम्मद कलूट की पत्नी खैरुन्निसां भारत विभाजन के उपरांत पाकिस्तान चले गए थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव के लोग जो देश छोड़ दूसरे देश में रह रहे हैं। उनकी जमीन को राज्य सरकार की संपत्ति घोषित कर अमल दरामद का आदेश एसडीएम ने जारी किया है।
विज्ञापन
डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन ने कहा कि तहसील अंतर्गत राजस्व ग्राम हटवा मोहम्मद कलूट, मोहम्मद कल्लू और मोहम्मद कलूट की पत्नी खैरुन्निसां भारत विभाजन के उपरांत पाकिस्तान चले गए थे। जिनकी लगभग दो एकड़ संपत्ति को राज्य सरकार संपत्ति घोषित की गई है। राजस्व ग्राम कोसी खुर्द में नौखान सुरक्षित श्रेणी की भूमि लगभग दो एकड़ भूमि चकबंदी और राजस्व विभाग की मिलीभगत से शकीरा आदि के नाम फर्जी तरीके से खतौनी में नाम चढा लिया था। जिसे निरस्त करते हुए जिसको लाभ हुआ है और जिस कर्मचारी की संलिप्तता रही है, उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का तहसीलदार को आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
तहसील डुमरियागंज में अवैध जमीन का धंधा करने वाले और सरकारी जमीनों की हेराफेरी कर अपने नाम चढ़ाने वाला गैंग के विरुद्ध गैंग जो पहले सक्रिय था उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा तहसील अंतर्गत ग्राम धोबहा एहतमाली ब्लॉक खुनियां में नदी की भूमि पर खदेरू व ठाकुर द्वारा लगभग 8 एकड़ भूमि फर्जी चकबंदी का आदेश अभिलेखों में दर्ज करा दिया। फर्जी आदेश को निरस्त करते हुए राजस्व विभाग के संलिप्त कर्मचारी एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश तहसीलदार को दिया गया है।
विज्ञापन
इसी प्रकार राजस्व ग्राम जमौतिया में कर्रार हुसैन, कल्लू हुसैन, मलिक अली, मुस्ताक अली, मोहम्मद जलील, मोहम्मद फसी, मुकेश वीवी, सज्जाद अली गुलाब आदि भारत विभाजन के उपरांत पाकिस्तान चले गए थे। लगभग दो एकड़ संपत्ति पाकिस्तान जाने, शत्रु संपत्ति एवं लावारिस होने के कारण राज्य सरकार में निहित कर दी गई अर्थात राज सरकार की संपत्ति घोषित कर दी गई। जिसके अमल दरामद के लिए आदेश जारी किए गए हैं।