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Gorakhpur: तोड़ी जाने लगी 117 साल पुरानी कलेक्ट्रेट की इमारत, अब यहां होगा नया ठिकाना
Thu, 09 Jun 2022 03:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 09 Jun 2022 03:48 PM IST
सार
एडीएम प्रशासन ने बताया कि कलेक्ट्रेट की पुरानी इमारत के ध्वस्तीकरण के बाद इसी स्थान पर 65 करोड़ की लागत से नया एकीकृत भवन बनाया जाएगा। सभी सुविधाओं से युक्त इस भवन में डीएम के साथ एसएसपी का कार्यालय भी होगा। नए भवन के पहले तल पर इन दोनों अफसरों के कार्यालय होंगे।
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पुरानी कलेक्ट्रेट की इमारत।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर कलेक्ट्रेट की 117 साल पुरानी इमारत तोड़ी जाने लगी है। संयुक्त कार्यालय जाने वाले रास्ते के ऊपर लगा टीन शेड बुधवार को तोड़ दिया गया। प्रशासनिक विभाग, इस कार्यालय को धीरे-धीरे शिफ्ट करने में जुटा है।
सबसे आखिरी में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) वित्त एवं राजस्व, मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) और सहायक अखिलेख अधिकारी (एआरओ) का कार्यालय टूटेगा। पहले ये तीनों कार्यालय भी कलेक्ट्रेट की मुख्य इमारत के साथ ही तोड़े जाने थे, मगर फरियादियों को ज्यादा दिक्कत न हो इसलिए इन्हें बाद में तोड़ने का निर्णय किया गया है। आने वाले कुछ दिनों में कलेक्ट्रेट पूरी तरह पर्यटन विभाग में शिफ्ट कर जाएगा। करीब तीन साल तक पर्यटन विभाग ही कलेक्ट्रेट का नया ठिकाना होगा।
कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण 1903 में शुरू हुआ था और 1910 में इसे पूरा किया गया था। इसे तोड़ने पर करीब 20 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसका टेंडर हो चुका है। एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता ने बताया कि कलेक्ट्रेट कार्यालय को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय भवन में सामान व दस्तावेज पहुंचाए जा रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीआरओ एवं एआरओ के कोर्ट अभी पुरानी जगह ही रहेंगे। प्रशासनिक अफसरों की ही तरह पुलिस अधिकारी भी अपनी नई जगह तलाश रहे हैं।
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सबसे आखिरी में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) वित्त एवं राजस्व, मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) और सहायक अखिलेख अधिकारी (एआरओ) का कार्यालय टूटेगा। पहले ये तीनों कार्यालय भी कलेक्ट्रेट की मुख्य इमारत के साथ ही तोड़े जाने थे, मगर फरियादियों को ज्यादा दिक्कत न हो इसलिए इन्हें बाद में तोड़ने का निर्णय किया गया है। आने वाले कुछ दिनों में कलेक्ट्रेट पूरी तरह पर्यटन विभाग में शिफ्ट कर जाएगा। करीब तीन साल तक पर्यटन विभाग ही कलेक्ट्रेट का नया ठिकाना होगा।
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कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण 1903 में शुरू हुआ था और 1910 में इसे पूरा किया गया था। इसे तोड़ने पर करीब 20 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसका टेंडर हो चुका है। एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता ने बताया कि कलेक्ट्रेट कार्यालय को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय भवन में सामान व दस्तावेज पहुंचाए जा रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीआरओ एवं एआरओ के कोर्ट अभी पुरानी जगह ही रहेंगे। प्रशासनिक अफसरों की ही तरह पुलिस अधिकारी भी अपनी नई जगह तलाश रहे हैं।
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