{"_id":"60e281d38ebc3ea012606b5d","slug":"113-patients-found-in-six-months-of-je-aes-and-12-children-died-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस का कहर: जेई-एईएस के छह माह में मिले 113 मरीज, 12 बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस का कहर: जेई-एईएस के छह माह में मिले 113 मरीज, 12 बच्चों की मौत
Mon, 05 Jul 2021 09:24 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 05 Jul 2021 09:24 AM IST
सार
सबसे अधिक 36 मरीज कुशीनगर जिले में मिले, दो बच्चों की मौत, महराजगंज में चार बच्चों की मौत तो गोरखपुर में पांच की गई जान।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी की रफ्तार कम हो गई है, लेकिन इस बीच इंसेफेलाइटिस ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक गोरखपुर मंडल के चार जिलों में 12 मासूमों की मौत हो चुकी है। इनमें से पांच मौत गोरखपुर के मासूमों की है। वहीं, अब तक जेई और एईस के 113 मरीज मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में शून्य से 10 साल के करीब 1500 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हुए थे। इनमें 10 बच्चों की मौत हुई थी। इन सबके बीच इंसेफेलाइटिस ने भी दस्तक दे दी है। सबसे अधिक मरीज कुशीनगर में मिले हैं। अब तक कुशीनगर में 36 मरीज मिले हैं। इनमें से दो की मौत हुई है।
28 मरीजों के साथ महराजगंज दूसरे नंबर पर है। महराजगंज में चार मरीजों की मौत हुई है। देवरिया में 26 मरीज मिले हैं, जिसमें से दो की मौत हुई है। गोरखपुर में जनवरी से अब तक 25 मरीज मिले हैं, जिसमें से पांच की मौत हुई है। अब विभाग के सामने इंसेफेलाइटिस के मरीजों का इलाज करना बड़ी चुनौती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में शून्य से 10 साल के करीब 1500 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हुए थे। इनमें 10 बच्चों की मौत हुई थी। इन सबके बीच इंसेफेलाइटिस ने भी दस्तक दे दी है। सबसे अधिक मरीज कुशीनगर में मिले हैं। अब तक कुशीनगर में 36 मरीज मिले हैं। इनमें से दो की मौत हुई है।
विज्ञापन
28 मरीजों के साथ महराजगंज दूसरे नंबर पर है। महराजगंज में चार मरीजों की मौत हुई है। देवरिया में 26 मरीज मिले हैं, जिसमें से दो की मौत हुई है। गोरखपुर में जनवरी से अब तक 25 मरीज मिले हैं, जिसमें से पांच की मौत हुई है। अब विभाग के सामने इंसेफेलाइटिस के मरीजों का इलाज करना बड़ी चुनौती होगी।
विज्ञापन
इंसेफेलाइटिस मरीजों का होगा अलग इलाज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। तीसरी लहर से पहले ही बच्चों के लिए अलग से 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बना दिया गया है। इंसेफेलाइटिस के लिहाज से अलग वार्ड बनाए गए हैं। इन वार्डों में मरीजों का इलाज चल रहा है। मौजूदा समय में करीब 100 के आसपास मरीज भी भर्ती हैं।