तीज पर मेहंदी लगाने से पहले जरूर सोच लें, कहीं गलती तो नहीं हो रही
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मेहंदी का रंग गहरा करने के लिए बाजारों में लगाई जाने वाली मेहंदी में पैरा फैनिलिनडायमिन (पीपीडी) और डायमीन नामक रसायन मिले होते हैं। जिसकी वजह से त्वचा संक्रमण हो सकता हैं। जिसकी वजह से त्वचा में जलन, सूजन, खुजली और लाल चतके जैसे निशान बन जाने का खतरा होता है।
कैंसर का खतरा
बाजारों में मिलने वाली मेंहदी में सिर्फ पीपीडी ही नहीं बल्कि अमोनिया, आक्सीडेटिन, पैराक्साइड, हाइड्रोजन तथा अन्य केमिकलस भी मिलाएं जाते हैं। इन केमिकल्स से तैयार मेहंदी को जब लड़कियां लगाकर सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के सम्पर्क में आती हैं तो उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तक हो सकती हैं।
साइड इफेक्ट्स से बचने के टिप्स
- सबसे पहले मेहंदी लगाने से पहले आप हाथों में पैच टेस्ट कर सकते हैं।
-मेंहदी लगाने के बाद अगर आपको जलन या रैशिज़ दिखाई दें तो फौरन मेहंदी को धोकर हाथ में एंटी एलर्जी दवा लगा लें।
-अगर आप अपने बालों में मेहंदी लगाने की सोच रहे हैं तो मेहंदी से पहले बालों की जड़ों में तेल लगाएं। ऐसा करने से मेंहदी के साइड इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।
- सारे टिप्स आजमाने के बाद भी अगर त्वचा में समस्या हो रही है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। घर पर ही अपना इलाज न करें।
सुझाव
-प्राकृतिक पत्तों से बनी मेहंदी का ही करें इस्तेमाल
-मेहंदी लगाने के बाद अगर आपके शरीर के हिस्सों पर छाले पड़ जाएं तो उसे ठंडे पानी से धो लें।
- इसके बाद उस पर नारियल का लेप लगा लें और उससे शरीर के उस हिस्से की अच्छी तरह से मालिश करें,