भारत के ज्यादातर सैलॉन में हेयर रिमूवल के लिए तीन प्रमुख तरह के वैक्स उपलब्ध हैं फ्लेवर्ड, रीका और नॉर्मल वैक्स। फ्लेवर्ड और रीका वैक्स नॉर्मल वैक्स की तुलना में अधिक महंगे होते हैं क्योंकि यह बाल हटाने के साथ-साथ अन्य कई चीजों का भी दावा करते हैं। कम से कम एक बार तो आपकी पार्लर वाली ने भी इनके अनगिनत गुणों के बारे में जैसे कि "टैन रिमूविंग” और “कम ग्रोथ” के बारे में बताया होगा। इधर-उधर की सुनी हुई बातों पर विश्वास करने से बेहतर है कि इन चीजों के बारे में आपको सही जानकारी हो ताकि अगली बार आप पार्लर से लुटकर न आएं और वही वैक्स कराएं जिसकी आपको जरूरत है और जो आपके बजट में है।
इन वैक्स में क्या फर्क है
नॉर्मल वैक्स चीनी और नींबू के घोल से बना होता है, ये हमेशा से ऐसे ही बनाया जा रहा है। हालांकि, इसमें कई और केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं, जिससे ये ज्यादा असरदार हो जाएं। वहीं फ्लेवर्ड वैक्स में कई दूसरे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं जिससे वैक्सिंग के दौरान स्किन को कम नुकसान और कम तकलीफ हो। चॉकलेट वैक्स में कोको होता है जो वैक्सिंग के दौरान स्किन को नम रखता है और परिणाम स्वरूप दर्द भी कम होता है। रीका वैक्स हर्बल होता है जो आमतौर पर पौधों के रस से तैयार किया जाता है। इसमें त्वचा में जलन पैदा करने वाली 'कॉलोफोनी' की मात्रा कम होती है इसलिए रीका वैक्स एक बेहतर विकल्प है।
बॉडी हेयर के हिसाब से चुनें वैक्स
अगर आपके बालों की कम ग्रोथ है और पतले भी हैं तो आपके लिए चॉकलेट वैक्स एक अच्छा विकल्प है। अगर आपके बालों की ग्रोथ ज्यादा है तो आपके लिए रीका वैक्स बेहतर रहेगा। ये बालों की जड़ों को कम नुकसान पहुंचाता है और इसे एक ही जगह पर बार-बार लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। बालों की ग्रोथ और इनके वापस आने का समय आपके खान-पान, मेटाबॉलिज्म और शरीर में मौजूद कई हॉर्मोन तय करते हैं। बालों की ग्रोथ में वैक्स की कोई भूमिका नहीं होती है।
कुछ वैक्स बालों को जड़ से निकालने में अधिक कारगर होते हैं। ये बालों को सतह के ऊपर से हटाने की जगह जड़ से हटा देते हैं। इसके परिणामस्वरूप आपके नए बाल धीरे-धीरे आते हैं। जब कि सिर्फ त्वचा की सतह के ऊपर से हटाए गए बाल जल्दी बढ़ जाते हैं। किसी भी तरह की वैक्सिंग त्वचा की सतह से डेड स्किन हटाती है। यही वजह है कि वैक्सिंग के बाद कई बार आपकी त्वचा नई दिखती है। अगर आपकी त्वचा हाल-फिलहाल टैन हुई है तो हो सकता है कि वैक्सिंग कराने से स्किन सेल्स की ये लेयर हट जाए।
जहां बाल होंगे वहां दर्द भी होगा। किसी भी तरह की वैक्सिंग को पेनलेस बताना झूठा दावा है। रीका का बात करें तो भले ही इसे इस तरह से बनाया गया हो कि ये त्वचा को कम नुकसान पहुंचाता हो लेकिन इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि इसमें दर्द नहीं होता है।