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पहली फिल्म, नाम और पार्टी में है ये खास कनेक्शन; पिता ने इस तरह थलापति विजय के करियर को दिया आकार
Thu, 07 May 2026 03:21 PM IST
Sarijuddin
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sarijuddin
Updated Thu, 07 May 2026 03:21 PM IST
सार
Thalapathy Vijay: थलापति विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में इतिहास रचा है। यह एक बड़ा संयोग है। उनके पिता ने उनके भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। इसका विजय को फायदा मिला है।
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थलापति विजय
- फोटो : एक्स
विस्तार
तमिलनाडु में एक्टर थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत से लगभग 42 साल पहले वह 'वेत्री' नाम की एक फिल्म में नजर आ चुके हैं। उस समय किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि यह शब्द एक दिन उनके लिए बहुत अच्छा साबित होगा। इस खबर में आइए जानते हैं कि विजय ने अपनी पहली फिल्म से लेकर पहली राजनीतिक जीत तक का सफर कैसे तय किया?
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क्या है 'वेत्री' का मतलब?
1984 में, नौ साल के विजय पहली बार कैमरे के सामने आए। यह फिल्म थी 'वेत्री'। इसके निर्देशक उनके पिता एसए चंद्रशेखर थे। दशकों बाद, वही शब्द उनकी राजनीतिक पार्टी की पहचान बन गया। तमिल में, 'वेत्री' का अर्थ होता है जीत। जब टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और सरकार बनाने की तैयारी शुरू की, तो विजय का यह सफर महज एक संयोग नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी कहानी जैसा लगा, जो खुद-ब-खुद लिखी जा रही थी।
1984 में, नौ साल के विजय पहली बार कैमरे के सामने आए। यह फिल्म थी 'वेत्री'। इसके निर्देशक उनके पिता एसए चंद्रशेखर थे। दशकों बाद, वही शब्द उनकी राजनीतिक पार्टी की पहचान बन गया। तमिल में, 'वेत्री' का अर्थ होता है जीत। जब टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और सरकार बनाने की तैयारी शुरू की, तो विजय का यह सफर महज एक संयोग नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी कहानी जैसा लगा, जो खुद-ब-खुद लिखी जा रही थी।
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माता-पिता के साथ थलापति विजय
- फोटो : एक्स
पहली फिल्म में विजय का रोल
फिल्म 'वेत्री' (1984) क्राइम-एक्शन ड्रामा थी। इसमें विजयकांत मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे कॉलेज छात्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर हत्या का आरोप है। इसमें विजय ने मुख्य किरदार के बचपन का रोल निभाया था। यह फिल्म हिट हो गई थी।
फिल्म 'वेत्री' (1984) क्राइम-एक्शन ड्रामा थी। इसमें विजयकांत मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे कॉलेज छात्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर हत्या का आरोप है। इसमें विजय ने मुख्य किरदार के बचपन का रोल निभाया था। यह फिल्म हिट हो गई थी।
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नाम में है जीत
यह संयोग की बात है कि विजय नाम का मतलब जीत होता है। विजय की पहली फिल्म का नाम 'वेत्री' का मतलब भी जीत है। उनकी पार्टी का नाम है 'तमिलगा वेत्री कझगम'। उनकी पार्टी के बीच के शब्द का मतलब भी जीत है। 'विजय', 'वेत्री', 'वेत्री कझगम'। तीनों ही नाम विजय के लिए खास साबित हुए।
यह संयोग की बात है कि विजय नाम का मतलब जीत होता है। विजय की पहली फिल्म का नाम 'वेत्री' का मतलब भी जीत है। उनकी पार्टी का नाम है 'तमिलगा वेत्री कझगम'। उनकी पार्टी के बीच के शब्द का मतलब भी जीत है। 'विजय', 'वेत्री', 'वेत्री कझगम'। तीनों ही नाम विजय के लिए खास साबित हुए।
थलापति विजय
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
पिता ने विजय की जिंदगी को गढ़ा
राजनीति में आने से पहले विजय की जिंदगी को उनके पिता ने लगभग पूरी तरह से गढ़ा है। फिल्म 'वेत्री' के बाद, विजय ने एसए चंद्रशेखर के निर्देशन में बनी दूसरी फिल्मों में भी काम किया है। इनमें 'कुडुम्बम', 'नान सिगप्पु मनिथन' और 'वसंत रागम्' जैसी फिल्में शामिल हैं। सिनेमा ही वह मंच बना, जहां पिता ने अपने बेटे के साथ मिलकर फिल्म के जरिए उनकी पहचान को आकार दिया।
राजनीति में आने से पहले विजय की जिंदगी को उनके पिता ने लगभग पूरी तरह से गढ़ा है। फिल्म 'वेत्री' के बाद, विजय ने एसए चंद्रशेखर के निर्देशन में बनी दूसरी फिल्मों में भी काम किया है। इनमें 'कुडुम्बम', 'नान सिगप्पु मनिथन' और 'वसंत रागम्' जैसी फिल्में शामिल हैं। सिनेमा ही वह मंच बना, जहां पिता ने अपने बेटे के साथ मिलकर फिल्म के जरिए उनकी पहचान को आकार दिया।
पिता ने बेटे पर भरोसा किया
वर्षों बाद, चंद्रशेखर ने ही उन्हें 'नालैया थीरपू' फिल्म में एक मुख्य अभिनेता के तौर पर लॉन्च किया। विजय तब सिर्फ 18 साल के थे। फिल्म फ्लॉप हो गई, लेकिन पिता ने अपने बेटे पर भरोसा करना नहीं छोड़ा। दोनों ने मिलकर 'सेंथूरपांडी', 'रसिगन', 'देवा' और 'विष्णु' जैसी फिल्मों पर काम किया। इस तरह विजय धीरे-धीरे मशहूर होते गए।
वर्षों बाद, चंद्रशेखर ने ही उन्हें 'नालैया थीरपू' फिल्म में एक मुख्य अभिनेता के तौर पर लॉन्च किया। विजय तब सिर्फ 18 साल के थे। फिल्म फ्लॉप हो गई, लेकिन पिता ने अपने बेटे पर भरोसा करना नहीं छोड़ा। दोनों ने मिलकर 'सेंथूरपांडी', 'रसिगन', 'देवा' और 'विष्णु' जैसी फिल्मों पर काम किया। इस तरह विजय धीरे-धीरे मशहूर होते गए।
थलापति विजय
- फोटो : X
पहले ही जगी थी राजनीतिक महत्वाकांक्षा
इन वर्षों में, विजय एक एक्टर से बढ़कर एक मशहूर हस्ती बन गए। चंद्रशेखर के मुताबिक विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बहुत पहले ही नजर आने लगी थी। इसके बाद विजय ने राजनीति में उतरने का सोचा। आखिरकार वह कामयाब हुए। टीवीके की जीत के बाद चंद्रशेखर ने कहा कि एक बार विजय ने उनसे कहा था 'मैं तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनूंगा।'
इन वर्षों में, विजय एक एक्टर से बढ़कर एक मशहूर हस्ती बन गए। चंद्रशेखर के मुताबिक विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बहुत पहले ही नजर आने लगी थी। इसके बाद विजय ने राजनीति में उतरने का सोचा। आखिरकार वह कामयाब हुए। टीवीके की जीत के बाद चंद्रशेखर ने कहा कि एक बार विजय ने उनसे कहा था 'मैं तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनूंगा।'