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Rajinikanth: साउथ से लेकर बॉलीवुड तक चला थलाइवा का जादू, ऐसे अभिनय के शौक को रजनीकांत ने बनाया सफलता की सीढ़ी
Tue, 12 Dec 2023 08:24 AM IST
पलक शुक्ला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: पलक शुक्ला
Updated Tue, 12 Dec 2023 08:24 AM IST
सार
लंबे वर्षों से साउथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रजनीकांत की पॉपुलैरिटी के बारे में सब जानते हैं। 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु के एक मराठी परिवार में जन्में रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है।
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रजनीकांत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत आज यानी 12 दिसंबर को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। सन 1975 में आई फिल्म 'कथा संगम' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने वाले थलाइवा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर उन्होंने सिनेमा की दुनिया में बड़ा नाम कमाया है। रजनीकांत दक्षिण भारतीय फिल्मों में ही नहीं बॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं एक्टर से जुड़ी कुछ खास बातें….
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रजनीकांत
- फोटो : सोशल मीडिया
लंबे वर्षों से साउथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रजनीकांत की पॉपुलैरिटी के बारे में सब जानते हैं। 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु के एक मराठी परिवार में जन्में रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। एक्टर संपन्न परिवार से ताल्लुक नहीं रखते हैं। रजनी जब चार साल के थे तब उन्होंने अपनी मां को खो दिया था। घर की हालत ठीक न होने की वजह से एक्टर ने रजनीकांत कुली से लेकर बस कंडक्टर जैसे काम कर चुके हैं। बस में अपने टिकट काटने के अनोखे अंदाज की वजह से ये बस ड्राइवर्स और कंडक्टर्स के बीच बहुत पॉपुलर हुआ करते थे।
रजनीकांत
- फोटो : सोशल मीडिया
बचपन से ही रजनीकांत एक्टर बनना चाहते थे। सपना पूरा करने में रजनीकांत के दोस्त राज बहादुर में बहुत मदद की। इन्होंने ही रजनीकांत को मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने के लिए के लिए मोटिवेट किया। रजनीकांत के लिए ऐसा कर पाना आसान नहीं था। तब ये और कुछ और दोस्त उनकी मदद के लिए आगे आए, जो उनकी ही तरह बस कंडक्टर थे। एक्टिंग सीखने के दौरान ही इन्होंने तमिल भी सीखी। फिल्मी दुनिया में पहचान बनाने के बाद रजनीकांत अपने अलग-अलग स्टाइल्स के लिए भी सुर्खियों में रहे। अभिनेता का चश्मा पहनना और सिगरेट जलाना आज भी लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर देता है।
रजनीकांत
- फोटो : सोशल मीडिया
इसी बीच रजनीकांत की मुलाकात फिल्म डायरेक्टर के.बालचंद्र से हुई। इन्होंने ही रजनीकांत को फिल्म 'अपूर्वा रागंगाल' में मौका दिया। इसमें कमल हासन और श्रीविद्या भी थीं। हालांकि, इसमें इनका छोटा-सा नेगेटिव रोल था। इसके बाद इन्हें शुरुआती दो-तीन साल तक ऐसे में ही रोल मिले। इसके बाद रजनीकांत ने साउथ की सभी भाषाओं की फिल्मों में काम करते गए। अपनी मेहनत और लगन के दम पर रजनीकांत ने एक से एक बढ़कर एक फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान भी बनाई। हिंदी सिनेमा में रजनीकांत की पारी 1983 की फिल्म 'अंधा कानून' से शुरू हुई थी, जिसे टी रामा राव ने निर्देशित किया था। इस फिल्म में अमिताभ और रजनीकांत की जोड़ी ने धमाल मचा दिया था।
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