सत्यजीत रे की जयंती पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि, दिग्गज फिल्ममेकर को कहा बंगाल का गौरव
Satyajit Ray Birth Anniversary: आज दिग्गज फिल्ममेकर सत्यजीत रे की जयंती (2 मई 1921) है। इस मौके पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। सिनेमा में दिए गए उनके योगदान को याद किया है।
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शनिवार को फिल्ममेकर सत्यजीत रे की जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सिनेमा और साहित्य के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद किया है। सत्यजीत रे को बंगाल का गौरव भी कहा है।
सत्यजीत रे की रचनाओं को बताया अमूल्य धरोहर
अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा, ‘विश्व प्रसिद्ध फिल्ममेकर, जाने-माने साहित्यकार और बंगालियों के गौरव सत्यजीत रे की जयंती पर मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनकी कालजयी रचनाएं न केवल बंगाली सिनेमा के लिए बल्कि विश्व सिनेमा के इतिहास के लिए भी एक अमूल्य धरोहर हैं।’
বিশ্ববরেণ্য চলচ্চিত্রকার, প্রখ্যাত সাহিত্যিক ও বাঙালির গর্ব সত্যজিৎ রায়ের জন্মবার্ষিকীতে জানাই আমার শ্রদ্ধা। তাঁর কালজয়ী সৃষ্টি শুধু বাংলা নয়, বিশ্ব চলচ্চিত্রের ইতিহাসেও এক অমূল্য সম্পদ।
विज्ञापन विज्ञापन— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 2, 2026
सत्यजीत रे की फिल्मों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
2 मई 1921 को कोलकाता में जन्मे सत्यजीत रे भारत की सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों में से एक हैं। एक फिल्म निर्माता, लेखक, चित्रकार, संगीतकार और लेखक के तौर पर चर्चित रहे। भारतीय सिनेमा को वैश्विक पटल पर स्थापित करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उनकी पहली फिल्म 'पाथेर पांचाली' और बहुचर्चित फिल्म 'अपू ट्रिलॉजी' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी फिल्में जैसे 'चारुलता' और 'महानगर' को भी खूब सराहा गया।
साहित्य के क्षेत्र में भी रहे अग्रणी
फिल्ममेकिंग के अलावा सत्यजीत रे ने साहित्य के क्षेत्र में भी अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने 'फेलूदा' जैसी रचना की और बच्चों के साहित्य में भी बहुत योगदान दिया। अपने जीवनकाल में सत्यजीत रे को कई सम्मान मिले। उन्हें अकादमी मानद पुरस्कार और भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' भी दिया गया।