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Manoj Bajpayee: मनोज बाजपेयी का छलका दर्द, बोले- एक दिन में मुझे तीन शो से निकाला गया, मेरे पास पैसे नहीं थे
Sun, 12 May 2024 06:37 PM IST
अनुपमा कुमारी
एंटरटेनमेंट डेस्क अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क अमर उजाला
Published by: अनुपमा कुमारी
Updated Sun, 12 May 2024 06:37 PM IST
सार
मनोज बाजपेयी कहते हैं, 'जानते हैं सबसे असहज स्तिथि क्या होती है। आप काम के लिए किसी की तरफ बढ़ रहे होते हैं और वे आपकी तरफ अपनी पीठ कर लेते हैं। मैं ऐसे हालात में तुरंत उनकी नजरों से ओझल जो जाना चाहता था'।
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मनोज बाजपेयी
- फोटो : इंस्टाग्राम
विस्तार
अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम आज बॉलीवुड के मशहूर नामों में शामिल है। अगर मनोज बाजपेयी की कोई फिल्म रिलीज होने वाली होती है तब लोगों को लगने लगता है कि अगर मनोज इस फिल्म में हैं तो इस फिल्म में जरूर कोई खास बात होगी। इन दिनों वे अपनी आगामी फिल्म 'भैया जी' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान वे अपने पुराने दिनों को याद करते दिखाई दिए।
एक दिन में तीन शो से निकाले गए बाहर
मनोज बाजपेयी के नाम देखकर आज दर्शक उनकी फिल्में देखने सिनेमाहॉल तक पहुंच जाते हैं, लेकिन उनके लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान वे अपने संघर्ष वाले दिनों को याद करते हुए बोले, 'मैं दिल्ली में थिएटर में सक्रिय रूप से शामिल एक अभिनेता के तौर पर काम कर रहा था। लोगों को मेरा काम भी पसंद आ रहा था, लेकिन मुंबई आने के बाद मुझे काम नहीं मिल रहा था। मुझे एक दिन में तीन शो से बाहर निकाल दिया गया'।
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मैं निराशा से भर गया था
मनोज बाजपेयी अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'मुंबई आने के बाद मुझे काफी समय तक काम नहीं मिला था। मेरे पैसे खत्म हो रहे थे। समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। वहां दिल्ली में मेरे पास काम की कमी नहीं थी, लेकिन यहां के हालात कुछ और थे। मैं निराशा से भरने लगा था। उसके ऊपर से मुझे कुछ शो मिले भी थे उनमें से भी मैं निकाला गया था'।
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मेरा रोल किसी और को दे दिया गया था
मनोज बाजपेयी कहते हैं, 'जानते हैं सबसे असहज स्तिथि क्या होती है। आप काम के लिए किसी की तरफ बढ़ रहे होते हैं और वे आपकी तरफ अपनी पीठ कर लेते हैं। मैं ऐसे हालात में तुरंत उनकी नजरों से ओझल जो जाना चाहता था। एक बार मुझे एक कॉर्पोरेट फिल्म में एक रोल मिला था, लेकिन जब मैं सेट पर पहुंचा तब मैंने उस रोल को किसी और अभिनेता को करते हुए देखा। अस्वीकृति मेरे जीवन का एक हिस्सा बन गई थी, लेकिन सच कहूं तो इस वजह से मुझे फायदा ही हुआ। इन तमाम रिजेक्शन की वजह से मेरी चमड़ी मोटी हो गई और अब मुझे किसी भी बात से फर्क नहीं पड़ता है'।
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एक दिन में तीन शो से निकाले गए बाहर
मनोज बाजपेयी के नाम देखकर आज दर्शक उनकी फिल्में देखने सिनेमाहॉल तक पहुंच जाते हैं, लेकिन उनके लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान वे अपने संघर्ष वाले दिनों को याद करते हुए बोले, 'मैं दिल्ली में थिएटर में सक्रिय रूप से शामिल एक अभिनेता के तौर पर काम कर रहा था। लोगों को मेरा काम भी पसंद आ रहा था, लेकिन मुंबई आने के बाद मुझे काम नहीं मिल रहा था। मुझे एक दिन में तीन शो से बाहर निकाल दिया गया'।
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मैं निराशा से भर गया था
मनोज बाजपेयी अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'मुंबई आने के बाद मुझे काफी समय तक काम नहीं मिला था। मेरे पैसे खत्म हो रहे थे। समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। वहां दिल्ली में मेरे पास काम की कमी नहीं थी, लेकिन यहां के हालात कुछ और थे। मैं निराशा से भरने लगा था। उसके ऊपर से मुझे कुछ शो मिले भी थे उनमें से भी मैं निकाला गया था'।
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मेरा रोल किसी और को दे दिया गया था
मनोज बाजपेयी कहते हैं, 'जानते हैं सबसे असहज स्तिथि क्या होती है। आप काम के लिए किसी की तरफ बढ़ रहे होते हैं और वे आपकी तरफ अपनी पीठ कर लेते हैं। मैं ऐसे हालात में तुरंत उनकी नजरों से ओझल जो जाना चाहता था। एक बार मुझे एक कॉर्पोरेट फिल्म में एक रोल मिला था, लेकिन जब मैं सेट पर पहुंचा तब मैंने उस रोल को किसी और अभिनेता को करते हुए देखा। अस्वीकृति मेरे जीवन का एक हिस्सा बन गई थी, लेकिन सच कहूं तो इस वजह से मुझे फायदा ही हुआ। इन तमाम रिजेक्शन की वजह से मेरी चमड़ी मोटी हो गई और अब मुझे किसी भी बात से फर्क नहीं पड़ता है'।