फैशन डिजाइनर रियाज गंजी की बढ़ी मुश्किलें, हाईकोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट; जानिए क्या है पूरा मामला?
Fashion Designer Riyaz Ganji Pending Dues Row: बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैशन डिजाइनर रियाज गंजी खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया है। डिजाइनर को कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगाई है।
विस्तार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मशहूर फैशन डिजाइनर रियाज गंजी के खिलाफ एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह याचिका कथित तौर पर संपत्ति का खुलासा ना करने और बकाया रकम का भुगतान ना करने के मामले में दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि रियाज गंजी का जैसा बर्ताव रहा है, उसके लिए वह किसी भी तरह की सहानुभूति या दया के हकदार नहीं हैं।
कोर्ट में पेश नहीं हुए फैशन डिजाइनर रियाज गंजी
जस्टिस अभय आहूजा की कोर्ट ने सोमवार को रियाज गंजी की गैर-मौजूदगी का संज्ञान भी लिया। कोर्ट ने फैशन डिजाइनर को पहले ही अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह पेश नहीं हुए। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में रियाज गंजी की अदालत में मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। फैशन डिजाइनर के केस की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
फैशन डिजाइनर ने नहीं किया था बकाया भुगतान
कोर्ट एक कंपनी जीएस मैजेस्टिक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लिबास डिजाइन्स लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। रियाज गंजी ही लिबास डिजाइन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। यह विवाद पंजाब के लुधियाना स्थित जीएसएम के ग्रैंड वॉक मॉल में मौजूद लिबास के फ्रेंचाइजी स्टोर से जुड़ा है। लिबास ने इस जगह को खाली करते समय, अनुबंध के तहत बकाया रकम का भुगतान नहीं किया था।
याचिकाकर्ता ने 2 अप्रैल को आरोप लगाया था कि प्रतिवादियों ने अदालत के पिछले निर्देशों के बावजूद, अपनी संपत्तियों का पूरा और स्पष्ट खुलासा नहीं किया है। हाई कोर्ट ने पाया कि दी गई जानकारी अस्पष्ट थी। इसमें संपत्तियों के स्थान के तौर पर केवल कुर्ला, पेडर रोड (दोनों मुंबई में) और लुधियाना जैसे इलाकों का जिक्र किया गया था, लेकिन उनके सटीक पते नहीं दिए गए थे। इस वजह से संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया था।
फैशन डिजाइनर के खिलाफ जारी हुआ गैर जमानती वारंट
कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि रियाज गंजी की अदालत में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए एक गैर-जमानती वारंट जारी करे। फैशन डिजाइनर को अगली सुनवाई यानी 27 अप्रैल को अदालत में पेश होना है। मुंबई पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह संबंधित पुलिस थाने के माध्यम से इस वारंट को तामील कराए।
इसके अलावा कोर्ट ने रियाज गंजी और उनकी कंपनी, निदेशकों को अगले आदेश तक किसी भी तरह की संपत्ति को बेचने या उसका किसी भी तरह से निपटारा करने से रोक दिया है।