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Ranveer Allahbadia: अब नहीं होंगे रणवीर जैसे विवादित मामले! भद्दे कंटेट पर रोक के लिए बनने जा रहा संगठन
Sat, 22 Feb 2025 01:26 PM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:26 PM IST
सार
Ranveer Allahbadia: रणवीर अल्लाहबादिया मामले पर विवाद के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भद्दे और अश्लील कंटेट पेश करने वालों के खिलाफ नया कानून बनाने के बारे में सोच रहा है।
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रणवीर अल्लाहबादिया
- फोटो : फोटो- सोशल मीडिया से
विस्तार
हाल ही में 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में विवादित टिप्पणी मामला सुर्खियों में आया। इसके बाद से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय डिजिटल कंटेट पेश करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त है। अब मंत्रालय इस मामले को लेकर एक नए कानूनी ढांचे को बनाने पर विचार कर रहा है। यह कानूनी संगठन 'हानिकारक' कंटेट को नियंत्रित करेगा।
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बोलने की आजादी का गलत इस्तेमाल
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में संसदीय पैनल को दिए गए अपने जवाब में कहा कि समाज में हानिकारक कंटेट को लेकर चिंता बढ़ी है। मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील और हिंसक कंटेट दिखाने के लिए बोलने के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह खबर भी पढ़ें: Ranveer Allahbadia: रणवीर अल्लाहबादिया पर सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त कार्रवाई, गौरव तनेजा का बयान
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में संसदीय पैनल को दिए गए अपने जवाब में कहा कि समाज में हानिकारक कंटेट को लेकर चिंता बढ़ी है। मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील और हिंसक कंटेट दिखाने के लिए बोलने के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
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बनाया जाएगा नया कानूनी ढांचा
मंत्रालय ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति को बताया कि मौजूदा कानूनों के तहत कुछ नियम मौजूद हैं, लेकिन ऐसे हानिकारक कंटेट को रोकने के लिए सख्त कानूनी ढांचे की मांग बढ़ रही है। मंत्रालय के मुताबिक उसने इन घटनाक्रमों पर ध्यान दिया है और नए कानूनी ढांचे की जरूरत की जांच कर रहा है।
यह खबर भी पढ़ें: Poonam Pandey Controversy: झूठी मौत से लेकर कपड़े उतारने तक... इन विवादों से घिर चुकी हैं पूनम पांडे
मंत्रालय ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति को बताया कि मौजूदा कानूनों के तहत कुछ नियम मौजूद हैं, लेकिन ऐसे हानिकारक कंटेट को रोकने के लिए सख्त कानूनी ढांचे की मांग बढ़ रही है। मंत्रालय के मुताबिक उसने इन घटनाक्रमों पर ध्यान दिया है और नए कानूनी ढांचे की जरूरत की जांच कर रहा है।
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इन संस्थाओं ने पाबंदी की मांग की
मंत्रालय के मुताबिक कई संस्थाओं ने बेहूदा कंटेट को रोकने की मांग की है। इसमें हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय महिला आयोग जैसी संस्थाओं शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक कई संस्थाओं ने बेहूदा कंटेट को रोकने की मांग की है। इसमें हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय महिला आयोग जैसी संस्थाओं शामिल हैं।
समय रैना
- फोटो : इंस्टाग्राम@maisamayhun
रणवीर अल्लाहबादिया मामले के बाद बढ़ी मुश्किलें
आपको बता दें कि हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया की विवादित टिप्पणी वाला मामला सुर्खियों में आया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक तौर से माफी मांगी लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण दिया, लेकिन अश्लील टिप्पणियों के लिए उन्हें खरी खोटी सुनाई।
आपको बता दें कि हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया की विवादित टिप्पणी वाला मामला सुर्खियों में आया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक तौर से माफी मांगी लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण दिया, लेकिन अश्लील टिप्पणियों के लिए उन्हें खरी खोटी सुनाई।
ऑनलाइन कंटेट पेश करने वालों के लिए कानून
मंत्रालय 25 फरवरी को अपनी अगली बैठक करेगी। इसके बाद वह एक विस्तृत नोट प्रस्तुत करेगी। समिति ने 13 फरवरी को मंत्रालय से विवादित कंटेट पर लगाम लगाने के लिए मौजूदा कानूनों में बदलाव के बारे में पूछा था। पहले के जो नियम बने हैं, वह प्रिंट और मीडिया के लिए हैं। ऐसे में ऑनलाइन कंटेट पेश करने को लेकर नए नियम बनाए जाने की मांग उठ रही है।
मंत्रालय 25 फरवरी को अपनी अगली बैठक करेगी। इसके बाद वह एक विस्तृत नोट प्रस्तुत करेगी। समिति ने 13 फरवरी को मंत्रालय से विवादित कंटेट पर लगाम लगाने के लिए मौजूदा कानूनों में बदलाव के बारे में पूछा था। पहले के जो नियम बने हैं, वह प्रिंट और मीडिया के लिए हैं। ऐसे में ऑनलाइन कंटेट पेश करने को लेकर नए नियम बनाए जाने की मांग उठ रही है।