फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Doors fame Late singer Jim Morrison bust found after 37 years of stolen

Jim Morrison: 37 साल पहले कब्र से गायब हुई मशहूर गायक जिम मॉरिसन की प्रतिमा मिली, प्रशंसकों में खुशी की लहर

Wed, 21 May 2025 09:55 AM IST
कामेश द्विवेदी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: कामेश द्विवेदी Updated Wed, 21 May 2025 09:55 AM IST
सार

Jim Morrison: ‘वे द डोर्स’ के मशहूर अमेरिकन गायक जिम मॉरिसन के कब्र से 37 साल पहले चोरी हुई प्रतिमा बरामद कर ली गई है। 

विज्ञापन
Doors fame Late singer Jim Morrison bust found after 37 years of stolen
जिम मॉरिसन - फोटो : एक्स- @RollingStone और @retrochenta

विस्तार

हाल ही में पेरिस पुलिस ने अमेरिकी गायक और कवि जिम मॉरिसन की लंबे समय से गायब हुई प्रतिमा को बरामद कर लिया है। साल 1988 में इस मूर्ति के चोरी होने के बाद दिवंगत गायक के प्रशंसक काफी दुखी थे, लेकिन इस खबर को सुनकर उनके बीच खुशी का माहौल छा गया है। आइए जानते हैं कैसे और कहां मिली प्रतिमा। 

विज्ञापन


कहां मिली प्रतिमा? 
मशहूर गायक और कवि जिम मॉरिसन की प्रतिमा बरामद कर ली गई है। 37 साल पहले उनके कब्र से गायब हुई प्रतिमा पेरिस पुलिस द्वारा बरामद कर ली गई है। पेरिस पुलिस ने बीते सोमवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट में बताया कि पेरे-लाचाइज कब्रिस्तान से 1988 में चुराई गई प्रतिमा, पेरिस के सरकारी अभियोजक कार्यालय द्वारा धोखाधड़ी के मामले से जुड़ी तलाशी के दौरान मिली। मूर्ति की बरामदगी ने कला जगत और प्रतिष्ठित डोर्स फ्रंटमैन के प्रशंसकों को उत्साहित कर दिया है।। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गई कि प्रतिमा को कब्र में वापस रखा जाएगा या नहीं।
विज्ञापन


यह खबर भी पढ़ें: Rashmika Mandanna: ट्रांसपेरेंट साड़ी में रश्मिका मंदाना का किलर लुक, लिखा- 'मैं केवल उनके कारण ही जीवित हूं'
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है प्रतिमा का इतिहास?
साल 1971 में जिम मॉरिसन 27 वर्ष की आयु में पेरिस के बाथटब में मृत पाए गए थे। उनकी मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया गया, हालांकि शव परीक्षण नहीं किया गया क्योंकि कानून के अनुसार ऐसा करना आवश्यक नहीं था। इसके बाद उन्हें पेरिस के कब्रिस्तान पेरे-लाचाइज में दफनाया गया। फिर क्रोएशियाई कलाकार म्लाडेन मिकुलिन द्वारा गायक की एक प्रतिमा बनाई गई, जिसे मॉरिसन के निधन के 10वीं वर्षगांठ पर, यानी 1981 में कब्र पर रखा गया था। इसे 300 पाउंड में तैयार किया गया था।  इसके बाद गायक के प्रशंसक इसे तीर्थस्थली के रूप में पूजने लगे थे और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आते थे।

यह खबर भी पढ़ें: Cannes 2025: कान में गूंजी फैशन को पर्यावरण हितकारी बनाने की आवाज, आरुषि निशंक ने थामा बदलाव का परचम

जिम मॉरिसन के बारे में
जिम मॉरिशन ने संगीत की दुनिया में बहुत कम समय में शानदार योगदान दिया, जिस कारण उन्होंने अपने प्रशंसकों को दीवाना बना लिया था। गायक ने 1965 में रे मंजरेक के साथ लॉस एंजिलस में डोर्स की सह-स्थापना की। मॉरिसन को ‘लाइट माई फायर’, ‘ब्रेक ऑन थ्रू’ और ‘द एंड’, ‘डोर्स’ जैसे गानों के लिए जाना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed