Trial By Fire: रियल लाइफ के कृष्णमूर्ति दंपति से मिले अभय देओल और राजश्री देशपांडे, फोटो शेयर कर कही यह बात
अभय देओल और राजश्री देशपांडे ने सोशल मीडिया पर नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति की के साथ अपनी तस्वीरें साझा की हैं।
विस्तार
वेब सीरीज 'ट्रायल बाई फायर' इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। इस वेब सीरीज में मुख्य भूमिका अभिनेता अभय देओल और अभिनेत्री राजश्री देशपांडे निभा रहे हैं। अभय देओल और राजश्री देशपांडे नेटफ्लिक्स सीरीज 'ट्रायल बाई फायर' में अपने दमदार प्रदर्शन के लिए सराहना बटोर रहे हैं। दिल को झकझोर कर रख देने वाली यह सीरीज 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड पर आधारित है। अब रील लाइफ के हीरो रियल लाइफ के हीरो से मिले हैं, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
वेब सीरीज 'ट्रायल बाई फायर' में अभय और राजश्री वास्तविक जीवन की जोड़ी नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने इस हादसे के पीड़ितों की अगुआई की थी। इस आग दुर्घटना में कृष्णमूर्ति दंपत्ति ने अपने बच्चों को खो दिया था। यह शो न्याय के लिए युगल की लड़ाई की यात्रा को बताता है। अब अभय देओल और राजश्री देशपांडे ने सोशल मीडिया पर नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति की के साथ अपनी तस्वीरें साझा की हैं।
The first time I met @Neelamshekhar my eyes ran moist.Meeting & playing her has been one of the great honours of my life.She hugged me ever so tight & said, ‘You are Neelam now, you must not cry.’ She was happy that I was able to capture her without meeting her before that time.” pic.twitter.com/bTctbqKfma
— Rajshri Deshpande (@rajshriartist) January 16, 2023
अभय ने इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा कि रियल कृष्णमूर्ति के साथ असली कृष्णमूर्ति। नीलम और शेखर। वहीं, राजश्री देशपांडे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, 'हम कृष्णमूर्ति से मिले। जब पहली बार मिस्टर और मिसेज कृष्णमूर्ति को देखा तो मेरी आंखें नम हो गईं और मेरी आंखों से आंसू बहने लगे। नीलम को जानना और उनकी भूमिका निभाना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।
13 जून 1997 को दक्षिण दिल्ली में क्या हुआ, जब उपहार सिनेमा में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई और 100 अन्य घायल हो गए। 'ट्रायल बाई फायर' नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति की कठिन यात्रा पर आधारित है, जिन्होंने आग हादसे में अपने बच्चों को खो दिया। इसमें दिखाया गया है कि उन्हें बार-बार न्याय के लिए कितना कठिन संघर्ष करना पड़ता है।