Rajpal Yadav: कभी बने गैंगस्टर, कभी हॉरर में जमाया रंग, कॉमेडी से हटकर किरदारों में छा गए राजपाल यादव
Rajpal Yadav Birthday: आज अभिनेता राजपाल यादव का जन्मदिन (16 मार्च 1971) है। वह अपनी कमाल की कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन वह एक ऐसे कलाकार हैं, जो हर तरह के किरदार में रंग जमाना जानते हैं। राजपाल यादव के जन्मदिन के मौके पर जानिए अभिनेता ने किन फिल्मों में कॉमेडी से हटकर किरदार किए हैं।
विस्तार
राजपाल यादव का नाम सुनते ही दर्शकों के मन में उनकी हास्य कलाकार की छवि उभरने लगती है। लेकिन कॉमेडी से हटकर भी राजपाल यादव ने कई किरदार किए हैं। वह कभी गैंगस्टर बने, कभी उन्होंने हॉरर फिल्म में दर्शकों को डराया। जानिए, राजपाल यादव की ऐसी ही कुछ फिल्मों और उनके लीक से हटकर किरदारों के बारे में।
अंडर ट्रायल
साल 2007 में अजीज खान निर्देशित फिल्म ‘अंडर ट्रायल’ में राजपाल यादव ने एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया, जिस पर अपनी ही बेटियों के रेप का आरोप है। ये आरोप पूरी तरह से झूठे होते हैं। फिल्म में राजपाल यादव का अभिनय कमाल का रहा। कोर्ट सीन्स में जिस तरह वह संवाद बोलते हैं, वह दर्शकों को प्रभावित कर देता है। इस फिल्म में राजपाल यादव के अभिनय को समीक्षकों ने भी सराहा था।
अर्ध
‘अर्ध(2022)’ नाम की एक फिल्म जिसे पलाश मुंछाल ने निर्देशित किया था, इसमें राजपाल यादव ने बॉलीवुड में संघर्ष करने वाले एक कलाकार का रोल किया है। वह अपना परिवार चलाने के लिए मुंबई की सड़कों पर एक किन्नर बनकर पैसे भी मांगता है। फिल्म में राजपाल यादव ने एक कलाकार के संघर्ष और किन्नरों के प्रति लोगों का कैसा बर्ताव होता है, इन बातों को अपने अभिनय के जरिए दर्शकों के सामने लाने का बेहतरीन प्रयास किया।
डरना मना है
साल 2003 में एक हॉरर फिल्म रिलीज हुई ‘डरना मना है’। इसमें छह अलग-अलग छोटी-छोटी कहानियां दिखाई गईं। एक कहानी में राजपाल यादव और शिल्पा शेट्टी भी नजर आए। राजपाल ने इसमें एक सेब बेचने वाले व्यक्ति का रोल किया। कहानी में राजपाल यादव दर्शकों को डराने में पूरी तरह से कामयाब रहे। इस डरावनी कहानी को अगर दर्शक देखेंगे, तो राजपाल यादव के अभिनय के जरूर कायल हो जाएंगे। यह फिल्म रामगोपाल वर्मा के प्रोडक्शन हाउस तले बनी थी।
जंगल
राजपाल यादव ने अपने करियर के शुरुआती दौर में राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'जंगल(2000)' में एक छोटा सा किरदार किया। फिल्म में अभिनेता ने सिप्पा की भूमिका की। यह एक नकारात्मक किरदार था, जिसमें राजपाल यादव छा गए। फिल्म में बोले गए उनके कई डायलॉग काफी हिट हुए। फिल्म में उर्मिला मातोंडकर और फरदीन खान जैसे कलाकार अहम किरदारों में नजर आए।
अपूर्वा
साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘अपूर्वा’ में राजपाल यादव ने एक विलेन का किरदार किया। इसमें वह जुगनू नाम के गैंगस्टर बने हैं। एक बार तो इस किरदार में दर्शकों के लिए राजपाल यादव को पहचानना मुश्किल हो गया। अभिनेता का अभिनय देखकर भी दर्शक दंग रह गए।
मैं, मेरी पत्नी और वो
साल 2005 में एक फिल्म ‘मै मेरी पत्नी और वो’ रिलीज हुई। इसमें रितुपर्णा सेनगुप्ता ने राजपाल यादव की पत्नी की भूमिका निभाई। फिल्म की कहानी में राजपाल ने ऐसे व्यक्ति का किरदार किया, जो अपने छोटे कद के कारण असुरक्षा से घिरा रहता है। इस वजह से वह अपना खुशहाल घर बर्बाद करने के कगार पर पहुंचा देता है। फिल्म में राजपाल यादव का किरदार पूरी तरह से गंभीर, संजीदा किस्म का था।
काम चालू है
साल 2024 में पलाश मुंछाल निर्देशित फिल्म में राजपाल यादव ने एक पिता की भूमिका की, जिसकी बेटी की एक सड़क हादसे में मौत हो जाती है। यह मौत प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा थी। आगे वह कोशिश करता है, दूसरे बच्चों के साथ ऐसा ना हो। इसके लिए राजपाल यादव के किरदार मनोज पाटिल को लंबा संघर्ष करना पड़ता है। फिल्म की कहानी और राजपाल का अभिनय दर्शकों की आंखें नम कर देता है।
इन फिल्मों में निभाए लीक से हटकर किरदार
मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं: इस फिल्म में अंतर माली ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में राजपाल यादव ने चुटकी (अंतरा माली) के दोस्त राजा का किरदार किया। वह छुटकी से शादी करता है ताकि मुंबई ले जाकर उसके कलाकार बनने के सपने को पूरा कर सके। यह फिल्म कॉमेडी, ड्रामा थी लेकिन इसमें कुछ ऐसे सीन्स भी हैं, जिसमें राजपाल यादव दर्शकों को रुलाने में कामयाब होते हैं। फिल्म को चंदन अरोड़ा ने निर्देशित किया और राम गोपाल वर्मा इसके निर्माता रहे।
हैलो हम लल्लन बोल रहे हैं: इस फिल्म में राजपाल यादव ने एक सुरक्षा गार्ड का रोल किया। जो मुंबई में रहता है। इसमें लल्लन (राजपाल यादव) के अपने प्यार को पाने का संघर्ष का है। फिल्म को दिलीप शुक्ला ने निर्देशित किया था। यह फिल्म साल 2010 में रिलीज हुई।
बैनी एंड बबलू: फिल्म ‘बैनी और बबलू (2010)’ में राजपाल यादव ने वेटर बबलू का रोल किया है, जो लेडीज बार में काम करता है। अपनी नौकरी के दौरान बबलू कई चीजें देखता है, जो उसका जिंदगी को लेकर नजरिया बदल देती है। इस फिल्म में के.के मेनन ने बैनी का रोल किया। फिल्म के निर्देशक युनुस सजवाल थे।