{"_id":"62ecff87d6a52776e33f5c5c","slug":"pragya-kapoor-maali-to-make-its-world-premiere-at-indian-film-festival-of-melbourne","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IFFM 2022: भारतीय फिल्म फेस्टिवल मेलबर्न में होगा 'माली' का वर्ल्ड प्रीमियर, पेड़-पौधों का महत्व समझाएगी फिल्म","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
IFFM 2022: भारतीय फिल्म फेस्टिवल मेलबर्न में होगा 'माली' का वर्ल्ड प्रीमियर, पेड़-पौधों का महत्व समझाएगी फिल्म
Fri, 05 Aug 2022 05:38 PM IST
शशि सिंह
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: शशि सिंह
Updated Fri, 05 Aug 2022 05:38 PM IST
सार
प्रज्ञा कपूर की फिल्म 'माली' का मेलबर्न के भारतीय फिल्म फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर किया जाएगा। इस फिल्म के द्वारा मेकर्स पर्यावरण सरंक्षण का मुद्दा उठाएंगे। जो वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर सबसे प्रासंगिक विषयों में से एक है।
विज्ञापन
प्रज्ञा कपूर
- फोटो : insta
विस्तार
फिल्म 'केदारनाथ' की निर्माता प्रज्ञा कपूर एक बार फिर से पर्यावरण से जुड़े मुद्दे को अपनी फिल्म के द्वारा सबके सामने व्यापक रूप से रखना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी भी कर ली है। जानकारी सामने आ रही कि उनकी आगामी फिल्म 'माली' का वर्ल्ड प्रीमियर किया जाएगा। दरअसल पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के बारे में बात करती इस फिल्म को मेलबर्न के इंडियन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित करने के लिए चयनित किया गया है।
विज्ञापन
पेड़ पौधों का महत्व समझाएगी माली
फिल्म 'माली' वर्तमान समय के सबसे प्रासंगिक मुद्दों जंगलों की कटाई और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में वैश्विक बातचीत को जीवंत करती है। यह फिल्म 18 अगस्त 2022 को मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव में जाने के लिए तैयार है। इस फिल्म के पीछे मेकर्स का मकसद है कि लोग पेड़ों के महत्व को समझ सकें और जानें कि प्रकृति संरक्षण हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
शांत पहाड़ों से कंक्रीट के जंगल तक की यात्रा है 'माली'
फिल्म 'माली' की कहानी एक 16 वर्षीय लड़की तुलसी की जर्नी है। जो शांत सुरम्य पहाड़ियों के बाद शहर के जीवन को देखती हैं, जहां अकेलापन और अवसाद है। फिल्म में एक युवा माली की शांत पहाड़ों से कंक्रीट के जंगल तक की यात्रा को दिखाया जाएगा और इसी ताने-बाने के द्वारा जंगलों की कटाई के प्रभाव आदि के मुद्दे को दर्शकों के सामने लाने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन
बात करें भारतीय फिल्म फेस्टिवल मेलबर्न (IFFM) की तो पिछले दो वर्षों से कोरोना की वजह से इसे वर्चुअल रूप से आयोजित किया जा रहा था, लेकिन इस साल यह फिर से पहले की तरह आयोजित किया जाएगा। इस साल भारतीय फिल्म फेस्टिवल मेलबर्न को 12 अगस्त से आयोजित किया जाएगा जो 20 अगस्त तक चलेगा।