Jugal Hansraj: जुगल हंसराज ने बताया कैमरे के सामने से हटने का कारण, बोले- 'मैं हताश और निराश था'
90 के दशक में अपने अभिनय से लोगों के दिलो में जगह बनाने वाले जुगल हंसराज एकदम से अभिनय से किनारा कर लिया था। अब जुगल हंसराज ने खुलासा किया कि उन्होंने अभिनय से दूरी इसलिए बना ली थी क्योंकि वह फिल्मों के बंद होने से हताश और निराश थे।
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90 के दशक में अपने अभिनय से लोगों के दिलो में जगह बनाने वाले जुगल हंसराज एकदम से अभिनय से किनारा कर लिया था। चॉकलेटी चेहरे वाले जुगल हंसराज ने एक वक्त में सबको दीवाना बना दिया था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 10 साल की उम्र में फिल्म 'मासूम' से की थी। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया और वाहवाही भी लूटी। उनका फिल्मों से गायब हो जाना फैंस को निराश कर देने वाला था। अब जुगल हंसराज ने खुलासा किया कि उन्होंने अभिनय से दूरी इसलिए बना ली थी क्योंकि वह फिल्मों के बंद होने से हताश और निराश थे।
अभिनय छोड़ने के बाद जुगल हंसराज फिल्म साल 2008 में आई फिल्म 'रोडसाइड रोमियो' और 'प्यार इम्पॉसिबल' के लेखन-निर्देशन का काम किया। कई फिल्मों के असफल होने के बाद उन्होंने फिल्म उद्योग से किनारा कर लिया था। इंडस्ट्री से दूर जाने के अपने फैसले को याद करते हुए जुगल ने हाल ही एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मैंने 1989 में डायरेक्टर मनमोहन देसाई की एक फिल्म साइन की थी। उस फिल्म से मैं कमबैक करने वाला था। हालांकि, यह फिल्म कभी शुरू ही नहीं हो पाई।
'फिल्मों के न बनने से हो गया था निराश'
जुगल हंसराज ने बताया कि उन्होंने कई फिल्में साइन कीं, लेकिन वह कभी बन नहीं पाई। अगर वह बनती तो शायद आज तस्वीर ही कुछ और होती। वह पहलाज निहलानी की फिल्म भी करने वाले थे। लेकिन यह भी नहीं बन पाई। फिल्मों के न बनने के सिलसिला ऐसे ही जारी रहा और मैं निराश हो गया।
लेखन-निर्देशन में भी संघर्ष करना पड़ा
अभिनय में निराशा हाथ लगने के बाद जुगल ने फिर लेखन और निर्देशन की ओर रुख किया। हालाँकि, 2008 की एनिमेटेड फिल्म रोडसाइड रोमियो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद भी उन्हें अपने निर्देशन उद्यम को शुरू करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि मैं थोड़ा हताश और निराश था।
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