‘ब्रह्मराक्षस 2’ की हीरोइन ने सेट पर सीख लिया ये नया हुनर, सीन में असलियत के रंग भरने की रही कोशिश
अक्तूबर के त्योहारी महीने में तीन नए दिलचस्प धारावाहिक प्रस्तुत करने के बाद जी टीवी अपने बेहद सफल और रोमांचक शो ‘ब्रह्मराक्षस’ के दूसरे सीजन के साथ दर्शकों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जा रहा है। बालाजी टेलीफिल्म्स के निर्माण में बने इस शो के पहले एपिसोड का प्रसारण 22 नवंबर को हुआ जिसमें चर्चित टीवी अदाकारा निक्की शर्मा एक बहुत ही खुशमिजाज युवती कालिंदी के किरदार में नजर आईं। निक्की को अपनी अदाकारी में सब कुछ डाल देने के लिए जाना जाता है। इस बार भी उन्होंने ऐसा ही कुछ किया।
जहां निक्की अपने पहले सुपरनैचुरल शो में कालिंदी के रूप में पहली बार लीड भूमिका निभा रही हैं, वहीं यह एक्ट्रेस अपने किरदार में उतरने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं, चाहे इसके लिए उन्हें कुछ नया ही क्यों ना आजमाना पड़े। हाल के एक सीन में मार्केट में कालिंदी की मुलाकात अचानक अंगद से होती है, जहां निक्की को स्कूटी चलाना था।
निक्की ने अपनी जिंदगी में कभी स्कूटी नहीं चलाई, लेकिन उनका यह अनुभव भी बड़ा रोमांचक और खुशगवार रहा। इसके लिए उन्होंने न सिर्फ स्कूटी चलाना सीखा, बल्कि अपना सीन भी बहुत अच्छी तरह से किया। अपना अनुभव बताते हुए निक्की शर्मा ने कहा, “अपने शो ब्रह्मराक्षस 2 के लिए मैंने कई नई चीजें की हैं, जिनमें से स्कूटी चलाना भी एक है। शुरुआत में जब मुझे इस सीन के बारे में बताया गया तो मेकर्स को लगा कि मुझे स्कूटी चलाना नहीं आता और इसलिए मैं अपना संतुलन नहीं बना पाऊंगी।”
निक्की बताती हैं, “सीरियल के निर्माता इस सीन को उसी तरह करना चाहते थे और इसलिए मुझसे सेट पर करीब पांच दिनों तक प्रैक्टिस करवाई और इसके बाद हमने अपना मास्टर शॉट लिया। शुरू के कुछ दिनों में तो मुझे यह बड़ा मुश्किल लगा लेकिन पांचवें दिन मुझे यह पूरी तरह समझ आ गया और बहुत से टेक्स लेने के दौरान मैंने बड़े अच्छे से यह गाड़ी संतुलित करना सीख लिया। यह मेरे लिए एक नई चीज थी, क्योंकि मैंने इसके पहले कभी स्कूटी नहीं चलाई थी। सच कहूं तो यह बड़ा मजेदार अनुभव था।”
जहां निक्की की जिंदगी में ढेर सारे सरप्राइज बाकी हैं, वहीं उनके किरदार कालिंदी की जिंदगी में भी कुछ रोमांचक मोड़ आएंगे। अंबाला की पृष्ठभूमि पर आधारित ब्रह्मराक्षस 2 में कालिंदी नाम की एक साधारण लड़की का सफर है, जिसकी किस्मत अब तक की सबसे खतरनाक शैतानी ताकतों में उलझ जाती है। पता चलता है कि कालिंदी का जन्म एक विशेष नक्षत्र में हुआ था, जिससे वो खास बन जाती है। इसलिए ब्रह्मराक्षस को अमर बनने के लिए उसकी जरूरत होती है। उधर कालिंदी की एकमात्र ताकत है अपने साथी अंगद के प्रति उसका प्यार।