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सिगरेट के धुएं का छल्ला बना के...
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2013 08:48 PM IST
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देशभर में तंबाकू के सेवन पर रोक लगाने के लिए विभिन्न तरह के सरकारी और गैर सरकारी अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन बॉलीवुड की फिल्में लगता है कि इससे बेपरवाह हैं।
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पिछले पांच माह की नई फिल्मों में से 60 फीसदी में धूम्रपान के दृश्य बिना चेतावनी के दिखाए गए हैं। यह फिल्मों में धूम्रपान के दृश्यांकन पर नियंत्रण संबंधी नियमों का सरासर उल्लंघन है।
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गैर सरकारी संगठन हृदय और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के तकनीक सहयोग से पांच स्कूल तथा चार कॉलेज के छात्रों ने फिल्मों में तंबाकू के इस्तेमाल को परखने के लिए अध्ययन किया।
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31 फिल्मों का अध्ययन
इसमें उन्होंने 31 फिल्में देखी और पाया कि उनमें से 13 फिल्मों में तो तंबाकू के इस्तेमाल या धूम्रपान के दृश्य को प्रदर्शित करने के दौरान चेतावनी नियमों का पालन किया गया है जबकि 18 फिल्मों में धूम्रपान के दृश्य बिना चेतावनी के ही दिखाए गए हैं।
'जब तक है जान' फिल्म इस मसले पर बेहतर आंकी गई। शाहरुख और कैटरीना अभिनीत इस फिल्म में 20 सेकंड की ऑडियो विजुअल और 30 सेकंड की हेल्थ चेतावनी फिल्म की शुरुआत और मध्यांतर में दिखाई गई। इसके अलावा धूम्रपान के दृश्य के नीचे बराबर चेतावनी भी दी गई।
इसके उलट अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा अभिनीत 'सन ऑफ सरदार' में तंबाकू सेवन के दृश्यों के समय किसी तरह की चेतावनी स्क्रीन में नहीं प्रदर्शित की गई। फिल्म की शुरुआत और मध्यांतर में भी किसी तरह चेतावनी और तंबाकू नियंत्रण के निर्देश नहीं दिए गए।
अध्ययन में दबंग-2, तलाश और मटरू की बिजली का मन डोला आदि फिल्में भी शामिल थीं। उल्लेखनीय है कि धूम्रपान को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
इस बार विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को मनाया गया। इसकी थीम रही तंबाकू विज्ञापन, प्रवर्धन और स्पांसरशिप पर प्रतिबंध।
ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे 2009-10 के अनुसार भारत में करीब 15 फीसदी युवा धूम्रपान करते हैं।
सरकार ने जारी की अधिसूचना
सरकार ने धूम्रपान को नियंत्रित करने यानी तंबाकू के इस्तेमाल पर रोक के लिए 2 अक्टूबर 2012 को अधिसूचना जारी की है।
इसमें कहा गया है कि फिल्मों और टेलीविजन में धूम्रपान या तंबाकू सेवन के दृश्य दिखलाने से पहले सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के तहत चेतावनी जारी करना अनिवार्य है।
युवाओं पर फिल्मों का असर बहुत
अध्ययन के अनुसार फिल्मों का युवाओं के मन मस्तिष्क पर काफी असर होता है। वह फिल्मों में प्रदर्शित की गई चीजों को बड़े उत्साह से लेते हैं।
हृदय के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकांश किशोर फिल्मों में अपने हीरो को सिगरेट पीते देख ही धूम्रपान की शुरुआत करते हैं।
हृदय से जुड़े स्कूली छात्रों ने अभिनेत्री करीना कपूर को अपनी फिल्म 'हीरोइन' से धूम्रपान के दृश्य हटाने की अपील तक की है।
तंबाकू पर नियंत्रण के लिए तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और उनकी स्पांसरशिप पर भी ध्यान देना होगा। हमारे अध्ययन से पता चलता है कि भड़कीले और चटकीले विज्ञापन तथा उनकी स्पांसरशिप से भी बहुत से युवा धूम्रपान की ओर आकर्षित होते हैं। वर्तमान में युवाओं में सिगरेट पीने का चलन पांच गुना तेजी से बढ़ रहा है।--मोनिका अरोरा, वरिष्ठ निदेशक, हृदय