राजू खेर: ‘लगा था अनुपम मदद करेगा पर…’, अभिनेता ने याद किए बुरे दिन; चैनल बंद होने से डूब गए थे सारे पैसे
Raju Kher On Anupam Kher: राजू खेर ने अपने करियर के सबसे मुश्किल वक्त को याद किया। इसके साथ ही अपने भाई अनुपम खेर के मदद करने की असमर्थता पर भी काफी कुछ कहा।
विस्तार
अभिनेता अनुपम खेर के भाई निर्देशक राजू खेर ने अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने और अनुपम के रिश्तों पर भी काफी कुछ कहा। जानें क्या बोले राजू…
पैसे डूबने और आर्थिक तंगी पर क्या बोले राजू?
अभिनेता- निर्देशक राजू खेर ने सिद्धार्थ कनन से बातचीत में अपने पुराने वक्त को याद करते हुए कहा, ‘एक समय था जब मैं बुरे दौर से गुजर रहा था। मैंने अपना घर बेच दिया था क्योंकि एक नया चैनल आने वाला था, इसलिए मैंने कहीं और एक फ्लैट खरीद लिया था। नया चैनल लॉन्च होने वाला था और कई लोग पायलट प्रोजेक्ट बना रहे थे, समझौते भी हो चुके थे। मैंने भी 'लाइफ के लिए कुछ भी करेगा' नाम का एक कार्यक्रम बनाया था। अचानक मुझे पता चला कि वह चैनल बंद हो गया है। फ्लैट बेचकर जो पैसे मिले थे, मैंने उस कार्यक्रम में लगा दिए थे। मुझे लगा था कि मेरी जिंदगी शानदार है, चार बेडरूम का घर है, परिवार के लिए सब कुछ तैयार है। फिर, चैनल गायब हो गया और किसी को पता नहीं चला कि क्या हुआ। उनके दरवाजे पर बस एक ताला लगा हुआ था।'
राजू लगा भाई अनुपम ने की मदद
आगे अपने इंटरव्यू में राजू ने कहा, ‘मुझे भी किराया चुकाने का दबाव महसूस हो रहा था। मेरे पास कोई और सहारा नहीं था, मैं सिर्फ अपने भाई से बात कर सकता था, और मुझे लगा कि वह मेरी मदद करेगा। लेकिन उस समय उसने भी काम करना बंद कर दिया था। कारण यह था कि वह उन अजीबोगरीब फिल्मों में काम नहीं करना चाहता था, वह सार्थक भूमिकाएं चाहता था। इसलिए, मुझे लगा कि मेरे भाई ने मेरी मदद नहीं की।वह कर सकता था, यही मेरा उस समय का विचार था।’
राजू ने आगे बताया कि अनुपम खेर उस वक्त खुद निजी संघर्षों से गुजर रहे थे। इस वजह से वह राजू की मदद नहीं कर सके। मगर इस बात का एहसास राजू को कई साल बाद हुआ।
राजू खेर का वर्कफ्रंट
- राजू खेर ने फिल्म और टेलीविजन दोनों में अभिनेता और निर्देशक के रूप में काम किया है।
- उन्होंने 1990 के दशक में अभिनय शुरू किया और गुलाम, जंगल, ओम जय जगदीश, शूटआउट एट वडाला, कृष 3, मैं तेरा हीरो, ऊंची और पटना शुक्ला जैसी फिल्मों में अभिनय किया है।
- उन्होंने कई टेलीविजन शो का निर्देशन भी किया है।
- 1999 का सीरियल संस्कार, साथ ही मंजिल, अभिलाषा और रेत का दरिया के लिए वह काफी मशहूर हुए।