Nawazuddin Siddiqui: त्वचा के रंग के कारण नवाजुद्दीन में आ गई थी आत्मविश्वास की कमी, अभिनेता ने किया खुलासा
नवाजुद्दीन ने बताया कि लोग उन्हें जिस तरह से देखते थे, उस वजह से उन्हें भी वैसा ही लगने लगा था, लेकिन जब वह उस माहौल से बाहर निकले तो सब बदल गया।
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड के सबसे उम्दा कलाकारों मे से एक हैं। अपने असाधारण अभिनय कौशल से लाखों दिलों को जीतने वाले अभिनेता ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों के अनुभव साझा किए हैं। एक साक्षात्कार में अभिनेता ने कहा कि उन्हें एक समय पर 'अपरंपरागत हीरो' का लेबल दिया गया था। उन्होंने ये भी खुलासा किया कि त्वचा के रंग के कारण उन्हें आत्मविश्वास से भी कमी महसूस होती थी।
बातचीत के दौरान नवाजुद्दीन ने कहा कि कई साल तक उनका मानना था कि वह 'अच्छे दिखने वाले लड़के नहीं' हैं, लेकिन बाद में अपने करियर में उन्हें खुद पर भरोसा हुआ। अभिनेता ने कबूल किया कि दूसरों की तरह वह भी फेयरनेस क्रीम की दुनिया में फंस गए थे। उन्होंने कहा, "शुरुआती दिनों में मैं अपनी त्वचा के रंग के कारण असुरक्षित था। मैं बहुत सारी क्रीम लगाता था लेकिन कुछ भी नहीं बदला। बाद में मुझे एहसास हुआ जैसा हूं वैसा ठीक हूं।"
नवाजुद्दीन ने बताया कि लोग उन्हें जिस तरह से देखते थे, उस वजह से उन्हें भी वैसा ही लगने लगा था, लेकिन जब वह उस माहौल से बाहर निकले तो सब बदल गया। उन्होंने कहा, "मैं काफी समय तक ऐसा महसूस होता था कि मैं अच्छा नहीं दिखता हूं, लेकिन जब मैं बाहर गया तो मुझे एहसास हुआ कि मैं ठीक हूं, मेरा चेहरा ठीक है।"
इसके बाद नवाज़ुद्दीन ने कहा कि जब से उन्होंने खुद को अलग तरह से देखा तब से उनकी त्वचा के रंग के कारण उनकी असुरक्षा धीरे-धीरे कम होने लगी। उन्होंने बताया, "आप कैसे नजर आते हैं, इसके बारे में आश्वस्त होना बहुत अहम है। जो असुरक्षा आती है वह आमतौर पर दूसरे लोगों की वजह से आती है।" इसके बाद उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को उस जगह तक पहुंचना होता है जहां वे अपनी त्वचा को लेकर आत्मविश्वास महसूस करते हैं और जिस तरह से दिखते हैं उसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह साबित करने में 10-12 साल लग गए कि वह एक अभिनेता हैं और दर्शक अब उन्हें अधिक स्वीकार करने लगे हैं।
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