Arjun Hingorani: अर्जुन हिंगोरानी ने इस सुपरस्टार को फिल्मों में दिया था पहला मौका, ’क‘ अक्षर से था गहरा नाता
Arjun Hingorani Death Anniversary: अर्जुन हिंगोरानी हिंदी सिनेमा के जाने माने निर्माता-निर्देशक थे। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय भी किया था। उनकी पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातों आज आपको बताते हैं...
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हिंदी सिनेमा में जब कहानियां पर्दे पर जीवंत होती थीं और सितारे दर्शकों के दिलों में बस जाते थे, उस समय एक नाम ऐसा था जिसने न केवल कथानक गढ़े, बल्कि नए कलाकारों को आकाश की ऊंचाइयों तक पहुंचने में खासा योगदान दिया। वह नाम था अर्जुन हिंगोरानी। निर्देशक, निर्माता और कभी-कभी पर्दे पर खलनायक की भूमिका निभाने वाले इस शख्स ने हिंदी सिनेमा को कई शानदार फिल्में दीं। उनकी पुण्यतिथि पर आइए उनके बारे में कुछ खास बातें जानते हैं...
अर्जुन हिंगोरानी का जन्म 15 नवंबर 1926 में हुआ था। अभिनय से अपने सफर की शुरुआत करने वाले अर्जुन हिंगोरानी जल्द ही निर्देशन और निर्माण की दुनिया में उतर गए। उनकी पहली बड़ी उपलब्धि थी साल 1958 में बनी पहली सिंधी फिल्म 'अबाना'। इस फिल्म सिंधी सिनेमा को वैश्विक मंच पर पहचान दी।
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हिंदी सिनेमा का इतिहास भी अर्जुन हिंगोरानी के बिना अधूरा है, क्योंकि उन्होंने उस शख्स को पर्दे पर उतारा, जिसे बाद में ’हीमैन‘ के नाम से जाना गया। जी हां, हम बात कर रहे हैं धर्मेंद्र की। साल 1960 में हिंगोरानी ने 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' नाम की फिल्म बनाई, जिसमें उन्होंने एक अनजान पंजाबी युवक को मौका दिया। यह वह दौर था जब उस युवक के पास न तो सिनेमाई अनुभव था और न ही कोई बड़ा नाम। आगे चलकर वही, धर्मेंद्र नाम के सुपरस्टार के रूप में फिल्मी दुनिया में खूब चमके। अर्जुन हिंगोरानी की पैनी नजर ने उनके भीतर छिपे उस सितारे उसी समय देख लिया जो लाखों दिलों पर राज करने वाला था।
'दिल भी तेरा हम भी तेरे' एक रोमांटिक फिल्म थी, जिसमें धर्मेंद्र की सादगी ने दर्शकों का ध्यान खूब खींचा था। भले ही यह फिल्म व्यावसायिक रूप से कोई बड़ा धमाका न कर सकी, लेकिन इसने धर्मेंद्र को वह मंच दिया जहां से उनका सितारा चमक उठा। बाद में, अर्जुन हिंगोरानी और धर्मेंद्र की जोड़ी ने इसके 'कब? क्यों? और कहां?' (1970), 'कहानी किस्मत की' (1973), 'खेल खिलाड़ी का' (1977) और 'कातिलों के कातिल' (1981) जेसी फिल्मों से खूब धमाल मचाया।
अर्जुन हिंगोरानी की फिल्मों में एक खास रंग हुआ करता था, जो ’क‘ अक्षर के इर्द-गिर्द बुना जाता था। उनकी कई फिल्मों के शीर्षक में तीन ’क‘ अक्षरों का समावेश होता था। उनकी फिल्में एक्शन, रोमांस और ड्रामा से भरपूर होती थीं, जो दर्शकों के दिलों को छू जाती थीं। मशहूर अभिनेत्री साधना को भी उन्होंने ही पहला मौका दिया था। 5 मई 2018 के दिन 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था।