Zubeen Garg: अरमान मलिक ने खास अंदाज में दी जुबीन को भावभीनी श्रद्धांजलि, फैंस की आंखें हुईं नम
Armaan Malik Pays Tribute to Zubeen Garg: लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री की ओर से भी लगातार श्रद्धांजलि दी जा रही है। सिंगर अरमान मलिक ने जुबीन का सबसे फेमस गाना गाकर उन्हें ट्रिब्यूट दिया।
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अरमान मलिक ने गाया जुबीन का गाना
अरमान मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने जुबिन गर्ग का लोकप्रिय गीत ‘मायाबिनी रातिर बुकुट’ गाया। इस गाने को जिस तरह से अमाल ने गाया, वो देखकर जुबीन के प्रशंसक भावुक हो उठे और वीडियो पर लगातार शोक संदेश लिखते नजर आए। अरमान ने कैप्शन में लिखा कि असम आने पर वह हमेशा यह गीत गाते और जुबिन दा को समर्पित करते थे, लेकिन आज इसे गाना बेहद भारी लग रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें अफसोस है कि वह कभी व्यक्तिगत तौर पर जुबिन गर्ग को अच्छे से जान नहीं पाए। अरमान मलिक ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि जुबिन दा की आवाज हमेशा दिलों में गूंजती रहेगी। उन्होंने दिवंगत गायक के परिवार और उनके चाहने वालों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
Every visit to the beautiful state of Assam, I never failed to sing this song and dedicate it to the one and only #ZubeenGarg. Today, singing it feels heavier than ever. Can’t believe he is no more and it breaks my heart that I never got the chance to truly know him properly, a… pic.twitter.com/n3qDWOyNaO
विज्ञापन विज्ञापन— ARMAAN ✦ (@ArmaanMalik22) September 20, 2025
सिंगापुर में जुबीन गर्ग का हुआ निधन
गौरतलब है कि जुबिन गर्ग का निधन सिंगापुर में हुआ। बताया गया कि स्कूबा डाइविंग के दौरान उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ और दौरा पड़ा। तुरंत सीपीआर दिए जाने और अस्पताल ले जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर गुवाहाटी लाया गया।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
गुवाहाटी पहुंचने पर हजारों की भीड़ अपने प्रिय गायक को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ी। कोई बाइक से उनके शव वाहन के साथ-साथ चला तो कोई पैदल उनके अंतिम सफर में शामिल हुआ। सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया और झंडे को आधा झुकाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सारुसजाई स्टेडियम में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां सुबह से शाम तक लोगों का तांता लगा रहा। चाहने वालों ने जुबिन गर्ग की याद में गीत गाकर उन्हें विदा किया, जैसा कि वह हमेशा चाहते थे।