सिंगल पैरेंट्स के लिए अच्छी खबर: बच्चों के दाखिले में नहीं आएगी दिक्कत, दोनों परिजनों के नाम लिखने की शर्त हटी
आदेशों में साफ किया गया है कि अगर कोई स्कूल नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ समय पहले कुछ सिंगल पैरेंट्स मामला शिक्षा विभाग के पास लेकर गए थे। जिसके बाद इस मामले पर अधिकारियों ने मंथन किया। अगर एक नाम अब दाखिला फार्म में दर्ज होगा तो बच्चे को दाखिले से इनकार नहीं किया जा सकता ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के स्कूलों में अब सिंगल पैरेंट्स को बच्चों के दाखिले में दिक्कत नहीं आएगी। अब दाखिला फार्म में दोनों परिजनों के नाम लिखने का दबाव स्कूल नहीं बना पाएंगे। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन ने इस संबंध में सभी स्कूलों को आदेश जारी किए हैं । आदेशों में कहा गया है कि ऐसे बच्चों को किसी भी कीमत पर दाखिला देने से मना न किया जाए। उक्त आदेशों को तुरंत प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। साथ ही साफ किया गया है कि नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के नए आदेशों के बाद अब सिंगल पैरेंट्स की परेशानियां कम हो जाएंगी।
विभाग के पास सिंगल पैरेंट्स लेकर गए थे मामला
जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले कुछ सिंगल पैरेंट्स की तरफ से यह मामला शिक्षा विभाग के ध्यान में लाया गया था। उनका कहना था कि वे बच्चों को स्कूलों में दाखिल करवाने के इच्छुक हैं। जब बच्चों के दाखिले के लिए स्कूलों में जाते हैं तो दाखिला फार्म में माता-पिता दोनों का नाम भरना जरूरी होने के कारण दिक्कत आती है। जिसके बाद इस मामले पर अधिकारियों ने मंथन किया। इसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से राज्य के सभी स्कूलों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों में कहा गया है कि किसी भी कारण से अगर एक नाम दाखिला फार्म में दर्ज किया जाता है तो ऐसे छात्रों को दाखिला देने से मना न करें। उक्त आदेशों को मोहाली समेत पूरे राज्य में लागू किया गया है।
सुबह की सभा का नाम अब गेम पीरियड होगा
शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों में सुबह के समय होने वाली सभा का नाम बदलकर गेम पीरियड रख दिया गया है। इस संबंध में विभाग की तरफ से तर्क दिया गया है कि सुबह का अधिकतर समय विद्यार्थियों द्वारा शारीरिक कसरत और योग पर लगाया जाता है। ये सारी क्रियाएं शारीरिक शिक्षक की तरफ से करवाई जाती हैं। ऐसे में सुबह की सभा का नाम बदलककर गेम पीरियड किया जाता है। इस दौरान करवाई जाने वाली क्रियाएं पहली वाली ही रहेंगी।