Hindi News ›   Education ›   Cow science exam postponed, know gau vigyan exam new date exam schedule

राष्ट्रीय कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा स्थगित, पांच लाख ने कराया था रजिस्ट्रेशन

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Sun, 21 Feb 2021 06:36 PM IST
सार

  • 25 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय गौ विज्ञान ऑनलाइन परीक्षा स्थगित 
  • साथ ही 21 फरवरी को प्रस्तावित मॉक टेस्ट भी रद्द कर दिया गया
  • देशभर में पांच लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया था

राष्ट्रीय कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार ऑनलाइन परीक्षा / प्रतियोगिता
राष्ट्रीय कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार ऑनलाइन परीक्षा / प्रतियोगिता - फोटो : Social media
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने 25 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय गौ विज्ञान ऑनलाइन परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। इसके साथ ही 21 फरवरी को प्रस्तावित मॉक टेस्ट भी रद्द कर दिया गया। जल्द ही इस संबंध में नई विस्तृत जानकारी दी जाएगी। बता दें कि परीक्षा के लिए देशभर में पांच लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया था। यह परीक्षा 25 फरवरी को ऑनलाइन आयोजित की जानी थी। 


यह भी पढ़ें : कोरोना के दौर में इन टिप्स से पाएं बेहतर नौकरी और दूर करें बेरोजगारी


राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक घोषणा में कहा कि कृपया ध्यान दें कि कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार ऑनलाइन परीक्षा / प्रतियोगिता जो 25 फरवरी 2021 के लिए निर्धारित की गई थी, जिसमें 21 फरवरी 2021 को मॉक परीक्षा आयोजित की जानी थी, को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, परीक्षा की नई तारीख की कोई जानकारी अभी तक प्रदान नहीं की गई है।

गौरतलब है कि 21 फरवरी, 2019 को भारत सरकार ने आधुनिक और वैज्ञानिक तर्ज पर पशुपालन को व्यवस्थित करने, नस्लों के संरक्षण और सुधार के लिए तथा गाय, बछड़ों और अन्य दुधारू मवेशियों का वध को रोकने की दिशा में काम करने के लिए “राष्ट्रीय कामधेनुयोग” का गठन किया था। उल्लेखनीय है कि देसी गायों के बारे में युवा छात्रों और प्रत्येक नागरिक में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) ने जनवरी, 2021 में कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा आयोजित करने के संबंध में घोषणा की थी। आयोग का कहना था कि इससे गायों के बारे में सभी भारतीयों में जिज्ञासा बढ़ेगी, और उन्हें एक ऐसी संभावना और व्यवसाय के अवसर से अवगत कराया जा सकेगा, जिसके बारे में कभी विस्तार से चर्चा नहीं की गई है। 

यह भी पढ़ें : ऐसा विश्वविद्यालय जहां बसती है प्राचीन भारत की आत्मा, जानिए क्यों खास है इसका इतिहास

कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा देशभर में 25 फरवरी, 2021 को ऑनलाइन आयोजित की जानी थी। इसके लिए 21 फरवरी को मॉक टेस्ट होना भी प्रस्तावित था। लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देशभर में छात्रों को गौ विज्ञान परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में 900 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि यह एक राष्ट्रीय स्तर की ज्ञानपरक परीक्षा है। जिसके लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है। 

यह भी पढ़ें : ये हैं वे टॉप 5 भर्तियां, जहां मिलेगी लाखों की सैलरी
    

परीक्षा चार श्रेणियों में होनी थी 
  • प्राथमिक स्तर से 8वीं कक्षा तक
  • माध्यमिक स्तर (कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक)
  • कॉलेज स्तर (12वीं के बाद)
  • आम जनता के लिए
यह भी पढ़ें : विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक ध्यान दें... पीएम मोदी के साथ फोटो और ऑटोग्राफ का मिल रहा मौका
 

परीक्षा के आयोजन को लेकर राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष वल्लभाई कठारिया ने कहा था कि इसमें कुछ भी अवैज्ञानिक नहीं है। हम गाय की भारतीय नस्ल के महत्व को जानना चाहते हैं। इसलिए, हम यह परीक्षा आयोजित कर रहे हैं। कटारिया ने कहा कि यदि गाय दूध देना भी बंद कर देती है तो भी वह उपयोगी है। परीक्षा के संबंध में पाठ्य सामग्री और संदर्भ पुस्तकें, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की वेबसाइट पर अपलोड है। इनसे परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी में मदद कर सकती हैं। हालांकि, वे परीक्षा की तैयारी के लिए अन्य सामग्री का भी उपयोग कर सकते हैं। परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी, क्योंकि यह एक ऑनलाइन बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा है, जिसमें किसी भी पैंतरेबाजी के लिए बहुत कम गुंजाइश है।
 
यह भी पढ़ें : जानिए क्या है #Me Too कैंपेन, कैसे हुई इसकी शुरुआत और क्या हैं कानूनी प्रावधान
 

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक परीक्षा के लिए 01 घंटे का समय मिलेगा। इस परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा। कामधेनु गौ विज्ञान परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी समेत 12 क्षेत्रीय भाषाओं में होनी है। इनमें गुजराती, संस्कृत, पंजाबी, मराठी, कन्नड़, मलयालम, तमिल, बंगाली, तेलुगू और ओडिया भी शामिल है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सफल मेधावी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा आयोग की वेबसाइट पर की जाएगी। वहीं, सफल और मेधावी उम्मीदवारों को सम्मान समारोह में नकद पुरस्कार / प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : आखिर क्या है UAPA कानून और क्यों है राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर विवाद? यहां जानिए

यह भी पढ़ें : दस्तावेजों की बार-बार फोटोकॉपी और प्रिंटआउट से हैं परेशान, तो करें यह काम
 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00