अगर आप भी अपनी मार्कशीट और प्रमाण-पत्रों की बार-बार फोटोकॉपी और प्रिंटआउट से परेशान हो गए हैं तो नैड पर अकाउंट बना लीजिए। नैड यानी नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी आईडी सुविधा के बाद से विद्यार्थियों और नौकरी आवेदन के लिए युवाओं को अपने अकादमिक दस्तावेजों की सार-संभाल और बार-बार फोटोकॉपी कराने की झंझट लगभग खत्म सी हो गई है।
नौकरी हो या दाखिला, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए दें नैड आईडी
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नि:शुल्क ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार एकेडमिक अवॉर्ड्स के लिए नैड पोर्टल की शुरुआत की थी। नैड पोर्टल पर मार्कशीट्स और सर्टिफिकेट्स का डिजिटलाइजेशन किया जाता है। विद्यार्थी इस पोर्टल पर नि:शुल्क ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद आप स्वयं अपने दस्तावेज इसमें अपलोड कर सकते हैं। या फिर विद्यार्थी अपने इंस्टीट्यूशन या स्कूल/कॉलेज की मदद ले सकते हैं। इस स्थिति आपको अपना नैड आईडी संस्थान के साथ साझा करना होगा।
24x7 कभी भी-कहीं भी इस्तेमाल करें
संस्थान आपके दस्तावेजों को अपलोड कर उन्हें आपके नैड आईडी से लिंक कर देगा। इसके बाद नैड पोर्टल, आपके रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस या मोबाइल नंबर पर आपको अकादमिक दस्तावेजों के अपलोड होने की सूचना देगा। इन अकादमिक दस्तावेजों को आप 24x7 कभी भी कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सामान्य तौर पर देखा जाए तो यह नैड पोर्टल डिजिटल लॉकर की तरह ही काम करता है। रजिस्टर्ड संस्थानों की सूची वेबसाइट पर पर देखी जा सकती है।
एक नजर में नैड उपयोगकगर्ता (स्रोत : नैड, आंकड़े : 30 अप्रैल, 2020 तक)
मोबाइल पर भी बना सकते हैं आईडी
विद्यार्थी नैड या फिर डिजी लॉकर की आईडी बनाने का काम मोबाइल पर भी कर सकते हैं। उन्हें इसके लिए डिजी लॉकर एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद वे इस पर यूजर आईडी और पासवर्ड सेट करने के बाद विद्यार्थी अपने दस्तावेज परीक्षा लेने वाली संस्था के माध्यम से या फिर स्वयं स्कैन करके अपलोड कर सकते हैं। एक बार दस्तावेज अपलोड होने के बाद उन्हें अपने प्रमाण-पत्र हर जगह लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी।
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