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Delhi News: गैंगस्टर के नाम पर थाईलैंड जाकर मांगी दो करोड़ की रंगदारी

Sat, 16 Aug 2025 08:19 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 16 Aug 2025 08:19 PM IST
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Went to Thailand in the name of a gangster and demanded extortion of Rs 2 crore
रकम न देने पर करोल बाग के ज्वेलर को बच्चों की हत्या की धमकी दी, तीन गिरफ्तार
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कर्ज चुकाने के लिए आरोपियों ने रची थी साजिश
दो मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीन दोस्तों ने कर्ज चुकाने के लिए करोल बाग के एक बड़े ज्वेलर से नामी गैंगस्टर का नाम लेकर दो करोड़ की रंगदारी मांग ली। किसी को शक न हो इसके लिए तीनों दिल्ली से थाईलैंड पहुंचे। वहां से एक सिमकार्ड खरीदकर उसी से व्हाट्सएप कॉल की गई। रकम न देने पर ज्वेलर के तीन बच्चों की गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद देशबंधु गुप्ता रोड और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तीनों आरोपियों को थाईलैंड से दिल्ली पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान सुमित मनचंदा, प्रिंस और नीतिश के रूप में हुई है। आरोपी नीतिश लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट है, वहीं सुमित भी बीकॉम पास है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों ने खुलासा किया है कि इनके ऊपर एक करोड़ से अधिक का कर्ज है। उसे चुकाने के लिए रंगदारी मांगने की साजिश रची। पुलिस से बचने के लिए वह थाईलैंड पहुंचे और वहां से कॉल की।
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मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि पिछले दिनों देशबंधु गुप्ता रोड थाना पुलिस को रंगदारी मांगने की शिकायत मिली थी। पीड़ित ने बताया कि थाईलैंड में मौजूद गैंगस्टर ने परिवार को जान से मारने की धमकी देकर दो करोड़ रुपये की मांग की है। रुपये क्रिप्टो करेंसी में मांगे गए हैं।
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रुपये की पेमेंट के लिए एक क्यूआर कोड भी उसके व्हाट्सएप पर भेजा गया है। फौरन थाना प्रभारी रणधीर सिंह, साइबर थाना प्रभारी संदीप पंवार व अन्य की टीम ने छानबीन शुरू की। मामला चूंकि बेहद गंभीर था इसलिए टीमों ने अलग-अलग तरह से अपना काम किया और छानबीन शुरू की।

गृह मंत्रालय की ली गई मदद

मामले को देखते हुए इंस्पेक्टर संदीप पंवार ने वरिष्ठ अधिकारियों के जरिये गृहमंत्रालय के आई4सी से मदद ली। इसके अलावा कई पेड साइबर आधुनिक टूल की मदद ली गई। कॉलर की लोकेशन थाईलैंड की मिली। इसके अलावा क्यूआर कोड की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली गई। टीम उनके घरों के पास तैनात कर दी गई। जैसे ही आरोपी अपने-अपने घर पहुंचे तो उनको दबोच लिया गया। सुमित को पंजाबी बाग, प्रिंस को पुलबंगश में रोशनआरा रोड और नीतिश को मोती नगर से दबोचा। इनके पास से थाईलैंड की सिम वाला मोबाइल व क्यूआर कोड बनाने वाला मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली।


पीड़ित के घर आना-जाना था

सुमित ने बताया कि उसका ज्वेलरी का काम है। वह पीड़ित को अच्छी तरह जानता है। उसका पीड़ित के घर आना-जाना था। दोस्त प्रिंस व नीतिश पर भी कर्ज था। उसको चुकाने के लिए सुमित ने साजिश रचकर दोस्तों को भी शामिल किया। नीतिश ट्रैवल एजेंसी चलाता है। उसकी अच्छी खासी आमदनी भी होती है। बावजूद इसके उसने रंगदारी में शामिल होने के लिए हां कर दी। पुलिस से बचने के लिए थाईलैंड में रहने वाले गैंगस्टर के नाम पर रंगदारी की साजिश रची। तीनों थाईलैंड पहुंचे और वहां से कॉल कर रंगदारी मांगी गई।
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