{"_id":"68cd77e300058661470e7079","slug":"two-girls-returning-from-school-were-hit-by-a-train-and-died-ashram-news-c-340-1-del1011-105588-2025-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: स्कूल से लौट रहीं दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: स्कूल से लौट रहीं दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
विज्ञापन
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने किया हंगामा, पुलिस टीम पर किया पथराव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नांगलोई इलाके में शुक्रवार दोपहर स्कूल से लौट रहीं दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों बच्चियां नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक को पार कर पैदल अपने घर जा रही थीं। मृत बच्चियों की पहचान प्रेम नगर निवासी शाहिस्ता प्रवीण (8) और रौनक खातून (7) के रूप में हुई।
स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और रेलवे ट्रैक को जाम करते हुए पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। पुलिस के आला अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह से शांत करवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हंगामे की वजह से बहादुरगढ़ अप लाइन पर रेल यातायात बाधित हो गया। रेलवे पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस को सूचना मिली कि नांगलोई सुखी नहर के पोल संख्या 18/3 के पास दो बच्चियां ट्रेन की चपेट में आ गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि दिल्ली से श्री गंगानगर तक चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी और दोनों बच्चियां ट्रेन के चपेट में आ गईं।
2009 में भी यहीं पर हुआ था हादसा
बताया जा रहा है कि जहां पर हादसा हुआ है वहीं पर 2009 में भी स्कूल से लौटते समय दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि नांगलोई स्टेशन के पास रेलवे ने बीते माह एक दीवार बनाई थी। स्थानीय लोग लंबे समय रास्ते की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे यहां पर एफओबी बनाए।
विज्ञापन
दो साल में 1200 से अधिक लोगों की हुई माैत
पिछले दो वर्षों में राजधानी में 1,259 लोग ट्रेनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 99 फीसदी से अधिक मौतें पटरियां पार करने के दौरान हुईं। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में 634 शव रेलवे पटरियों पर मिले, जिनमें से 628 लोग पटरियां पार करते समय मारे गए, जबकि छह मौतें आत्महत्या के मामले थे। इसी तरह 2024 में भी लगभग 625 में से 620 मौतें पटरियां पार करने से जुड़ी थीं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नांगलोई इलाके में शुक्रवार दोपहर स्कूल से लौट रहीं दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों बच्चियां नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक को पार कर पैदल अपने घर जा रही थीं। मृत बच्चियों की पहचान प्रेम नगर निवासी शाहिस्ता प्रवीण (8) और रौनक खातून (7) के रूप में हुई।
स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और रेलवे ट्रैक को जाम करते हुए पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। पुलिस के आला अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह से शांत करवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हंगामे की वजह से बहादुरगढ़ अप लाइन पर रेल यातायात बाधित हो गया। रेलवे पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस को सूचना मिली कि नांगलोई सुखी नहर के पोल संख्या 18/3 के पास दो बच्चियां ट्रेन की चपेट में आ गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि दिल्ली से श्री गंगानगर तक चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी और दोनों बच्चियां ट्रेन के चपेट में आ गईं।
विज्ञापन
2009 में भी यहीं पर हुआ था हादसा
बताया जा रहा है कि जहां पर हादसा हुआ है वहीं पर 2009 में भी स्कूल से लौटते समय दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि नांगलोई स्टेशन के पास रेलवे ने बीते माह एक दीवार बनाई थी। स्थानीय लोग लंबे समय रास्ते की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे यहां पर एफओबी बनाए।
विज्ञापन
दो साल में 1200 से अधिक लोगों की हुई माैत
पिछले दो वर्षों में राजधानी में 1,259 लोग ट्रेनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 99 फीसदी से अधिक मौतें पटरियां पार करने के दौरान हुईं। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में 634 शव रेलवे पटरियों पर मिले, जिनमें से 628 लोग पटरियां पार करते समय मारे गए, जबकि छह मौतें आत्महत्या के मामले थे। इसी तरह 2024 में भी लगभग 625 में से 620 मौतें पटरियां पार करने से जुड़ी थीं।