मलेशिया में नौकरी करेंगे: इंटरव्यू और नियुक्ति पत्र से लेते झांसे में, फिर पैसे लेकर कर लेते फोन बंद; गिरफ्तार
मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाज गिरफ्तार हुए हैं। ये लोग स्काइप पर साक्षात्कार लेने के बाद कई मदों में पैसे लेते थे। मुख्य आरोपी बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र है।
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शाहदरा साइबर सेल ने मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाज को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों का स्काइप पर कई दौर का साक्षात्कार लेने के बाद आरोपी उन्हें जाली नौकरी का नियुक्ति पत्र जारी करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, दो डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, ठगी का मास्टर माइंड बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र है।
बी टेक का छात्र है मास्टर माइंड
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोयलेवाली गली, कोली, अलीगढ़, यूपी निवासी वैभव (23) और सरायबैरागी, कोली, अलीगढ़ निवासी बादल कठेरिया के रूप में हुई है। वैभव बी टेक (द्वितीय वर्ष) की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आदित्य गौतम ने शाहदरा साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। उसने बताया कि उसे मलेशिया में नौकरी दिलाने को लेकर एक मेल और फोन आया। इसके बाद स्काइप पर वीडियो साक्षात्कार के दो दौर आयोजित किया गया। उसके बाद मेल पर एक नियुक्ति पत्र भेजा गया। इस प्रक्रिया के दौरान सत्यापन और अन्य मद में उससे करीब 38 हजार रुपये लिए गए। बाद में आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। एसीपी संजय कुमार के देखरेख में उप निरीक्षक रीतू डांगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की।
बैंक और कॉल डिटेल से पकड़े गए चोर
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। उसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच कर 10 जुलाई को अलीगढ़ से वैभव को गिरफ्तार कर लिया। वैभव के कब्जे से पुलिस ने 4 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, 2 डेबिट कार्ड और 5 रजिस्टर बरामद किए। उसके बाद पुलिस ने वैभव के एक सहयोगी बादल कठेरिया को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने 2 सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया।
पैसे लेने के बाद नहीं करते थे फोन
पूछताछ में वैभव ने बताया कि उसके पास कई फर्जी ईमेल आईडी हैं। जिसके जरिए वह लोगों को नौकरी का ईमेल भेजता था। फिर वह साक्षात्कार का पहला दौर ऑडियो फॉर्म में स्काइप पर लेता था। पहले राउंड के बाद विदेश मंत्रालय की पुष्टि के लिए दो हजार से छह हजार का भुगतान करवाता था। फिर स्काइप से दूसरा साक्षात्कार लेता था। आगे की प्रक्रिया के लिए पीड़ित से दस हजार से 40 हजार तक की मांग करते थे। पैसे मिलने के बाद पीड़ितों का फोन उठाना बंद कर देता था। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि बादल बैंक संचालन में वैभव की मदद करता था। आरोपी के केनरा बैंक खाते में 15 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।